देश की सबसे तेज गति से चलने वाली ट्रेन वंदे भारत में सफर करने के लिए अभी इंतजार करना होगा। 44 ट्रेनों को जल्द रेलवे ट्रैक पर उतारे की राह लंबी हो गई है। इसके लिए रेल मंत्रालय ने टेंडर तो जारी कर दिया है, लेकिन प्रोडक्शन की शुरुआत अगले साल से होगी। इस ट्रेन को ट्रैक पर दौड़ाने का लक्ष्य अगले दो से तीन साल में निर्धारित किया गया है।
आत्मनिर्भर भारत के तहत तैयार होने वाली स्वदेशी तकनीक पर आधारित वंदे भारत ट्रेन सेट ज्यादा से ज्यादा चलाने की घोषणा रेल मंत्रालय ने की है। 44 ट्रेन सेट बनाने के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। इसके अलावा 100 और ट्रेन सेट बनाने की घोषणा की गई है। लेकिन इस ट्रेन से सफर करने के लिए यात्रियों को बुलेट ट्रेन की तरह ही इंतजार करना होगा।
रेलवे बोर्ड के सीईओ सुनीत शर्मा के अनुसार 44 वंदे भारत ट्रेन का टेंडर जारी कर दिया गया है। अगले साल से प्रोडक्शन यूनिट में इस ट्रेन सेट को बनाने की शुरुआत की जाएगी। शर्मा ने बताया कि 2-3 साल में इसे बनाने का काम पूरा कर लिया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही घोषित और 100 वंदे भारत ट्रेन के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उल्लेखनीय है कि सौ करोड़ रुपये की लागत से तैयार सेल्फ प्रोपेल्ड इंजन वाली दो ट्रेन इनदिनों चल रही है। इसके बाद ही अन्य ट्रेन चलाने की योजना बनी थी।
चेनाब ब्रिज अगले साल दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य
लंबे समय से तैयार हो रहे चेनाब ब्रिज अगले साल तक तैयार होगा। विश्व के सबसे ऊंचे इस ब्रिज पर रेल पटरी बिछाने का काम पहले शुरू किया जाएगा।
सुनीत शर्मा ने कहा कि दिसंबर 2022 तक इस ब्रिज को तैयार कर लिया जाएगा। उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना के तहत 111 किलोमीटर लंबे चुनौतीपूर्ण मार्ग पर चिनाब पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। यह घाटी को देश के बाकी हिस्सों से रेलवे के माध्यम से जोड़ेगा।
अगले साल अप्रैल तक अयोध्या स्टेशन पर भी वर्ल्ड क्लास सुविधा मिलेगी
गाधीनगर रेलवे स्टेशन के बाद जल्द ही हबीब गंज व बंगलूरू में सर एम विश्वसरैला रेलवे स्टेशन वल्र्ड क्लास स्टेशन के रूप में दिखेगा। अयोध्या रेलवे स्टेशन इसी वित्तिय वर्ष में बन कर तैयार हो जाएगा। इसके अलावा दिल्ली के बिजवासन, गोमतीनगर, दिल्ली सफदरजंग और नागपुर स्थित अजनी स्टेशन पर भी यात्रियों को वल्र्ड क्लास सुविधा मिलेगी।