कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा है कि पाकिस्तान के बर्ताव में बदलाव लाने के लिए भारत को अपना रवैया बदलना होगा। बाहरी सुरक्षा खतरों का हल निकालने के लिए दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य करने के लिए रास्ता खोजना होगा। रविवार को ऑब्जर्वर रीसर्च फाउंडेशन के मंच पर ‘बियॉन्ड पॉलिटिक्स : डिबेटिंग अ न्यू सिक्योरिटी मेनिफेस्टो’ पर चर्चा में चिदंबरम ने यह बात कही।
उन्होंने कहा, ‘हम चाहते पाकिस्तान अपना रवैया बदले तो इसका मतलब है कि भारत को भी पाकिस्तान के प्रति अपना व्यवहार बदलना होगा। अगर दोनों देश एक-दूसरे को आपसी खतरा बताते रहेंगे तो हम कभी दोस्त नहीं बन सकते।’
साथ ही उन्होने कहा कि हम मजबूत सेना दुश्मनों पर जीत के लिए बल्कि युद्ध से बचने के लिए बनाते हैं। भारत-पाक के बीच सामान्य रिश्तों के लिए एक नई सोच की जरूरत है। चिदंबरम ने मोदी सरकार को घेरते हुए कहा, लोग ‘मजबूत नेता, मजबूत सरकार और कठोर नीति’ जैसे शब्दों से आकर्षित हो जाते हैं लेकिन ऐसी नीति को सफल कैसे कहें, जब सीमापार घुसपैठ, सैन्य जानमाल का नुकसान 15 साल में उच्चतम रहा है।