आईआईएम अहमदाबाद की रिपोर्ट के अनुसार भारत में टीवी दर्शकों की संख्या 2029 तक एक अरब तक पहुंच सकती है। दर्शकों में हर साल दो-तीन प्रतिशत की स्थिर बढ़ोतरी रहने का अनुमान है। बढ़ती आय, साक्षरता और इंटरनेट पहुंच कंटेंट खपत को तेज कर रही है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों और कम आय वाले राज्यों में आय बढ़ने से टीवी का विस्तार अधिक तेजी से होगा।
देश में वर्ष 2029 तक टीवी दर्शकों की संख्या एक अरब तक पहुंच जाएगी। टीवी दर्शकों की संख्या में प्रति वर्ष दो से तीन फीसदी की स्थिर दर से वृद्धि जारी रहेगी। आईआईएम अहमदाबाद ने यह दावा अपनी भारत में टीवी का भविष्य नामक विश्लेषण अध्ययन रिपोर्ट में किया है।
टीवी दर्शकों की संख्या में तेजी से वृद्धि
रिपोर्ट के मुताबिक भारत के बढ़ते आर्थिक विकास (जिसमें बढ़ती डिस्पोजेबल आय और साक्षरता दर शामिल है) का देशभर में कंटेंट की खपत और टेलीविजन परिदृश्य पर व्यापक प्रभाव पड़ रहा है। इस अवधि में ग्रामीण और कम आय वाले राज्यों में आय बढ़ने के साथ ही टीवी दर्शकों की संख्या में तेजी से वृद्धि और विस्तार की उम्मीद है, क्योंकि उनकी आय का स्तर उच्च आय वाले राज्यों के वर्तमान स्तर के करीब पहुंच रही होगी। आईआईएम के प्रोफेसर विश्वनाथ पिंगली और अंकुर सिन्हा की लिखी भारत में टीवी का भविष्य नाम के रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।
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भारत में टीवी का भविष्य पर रिपोर्ट
वहीं आईआईएम अहमदाबाद के ब्रिज डिसा सेंटर फॉर डाटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (सीडीएसए) समर्थित इस रिपोर्ट में निरंतर विकास के एक चरण का अनुमान लगाया गया है, जो बेहतर सामाजिक-आर्थिक संकेतकों और बढ़ती इंटरनेट पहुंच के बल पर भारत के टेलीविजन दर्शकों को वर्ष 2029 तक एक अरब तक पहुंचा देगा।
रिपोर्ट में विभिन्न जनसांख्यिकीय पैटर्न का गहन विश्लेषण
यह रिपोर्ट भारत में टेलीविजन परिदृश्य और इसकी खपत को आकार देने वाले विभिन्न जनसांख्यिकीय पैटर्न का गहन विश्लेषण करती है। यह टेलीविजन दर्शकों पर संभावित प्रभावों के एक व्यापक समूह की जांच करती है, जिसमें जनसंख्या संरचना, आर्थिक स्थिति और घरों के आसपास का डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र शामिल है।