सेना उड़ी के बदले की तर्ज पर पांपोर आतंकी हमले की जवाबी कार्रवाई कर सकती है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) स्तर पर यह फैसला लिया गया है कि अब पाकिस्तान को प्रॉक्सी वॉर के तरह किए गए किसी भी आतंकी हमले की बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। इस फैसले के बाद सुरक्षा तंत्र पाक समर्थित आतंकवाद की प्रतिक्रिया की सख्त रणनीति पर काम कर रही है। सरकार आतंकवाद पर भारत के पक्ष में बने वैश्विक समर्थन का भरपूर इस्तेमाल करना चाहती है। सेना ने भी सरकार की इस योजना पर अपनी हामी भर दी है।
उच्चपदस्थ सरकारी सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि बदले की कार्रवाई आतंकी हमले के स्तर पर निर्भर करेगा। सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा है कि पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में सर्जिकल स्ट्राइक के बदले पाकिस्तान फिलहाल आतंकी हमलों का ही सहारा लेगा। लिहाजा पाकिस्तान को यह संदेश जाना जरुरी है कि अब उसे उसकेकिसी भी दुस्साहस की कीमत चुकानी पड़ेगी। सूत्रों ने बताया कि घाटी में मौजूद करीब 250 आतंकियों केजरिए पाक यह काम आसानी से करवा सकता है। खुफिया सूचना के मुताबिक यह आतंकी घाटी में स्थानीय स्तर पर भी युवाओं की भर्ती कर रहे हैं। ऐसे में हरेक ईंट का जवाब पत्थर से देने की रणनीति अपनाई गई है।