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अमेरिकी दबाव में है भारत लेकिन फिर भी हमारा दोस्त: ईरान

Wed, 03 Jul 2019 12:02 PM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हसन रूहानी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई
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परमाणु समझौते को लेकर अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को झेल रहे ईरान ने उम्मीद जताई है कि कच्चे तेल के आयात के मुद्दे पर भारत राष्ट्रीय हित का ध्यान रखेगा। जबकि, ईरान भारत की उर्जा सुरक्षा का संरक्षक हो सकता है। 
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ईरानी राजदूत अली चेगेनी ने अमेरिकी प्रतिबंधों को दरकिनार करने के लिए भारत और अन्य देशों के साथ तेल में व्यापार के लिए वस्तु विनिमय, रुपया और यूरोपीय तंत्र का उपयोग करने की संभावना पर भी चर्चा की।

भारत में ईरान के राजदूत अली चेगेनी ने कहा कि ईरान द्वारा भारत को ऊर्जा के मामले में रियायत, पहुंच और सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सकती है।

ईरानी राजदूत का यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि हाल में ही भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा था कि ईरान से तेल आयात पर प्रतिबंधे से उत्पन्न होन वाली स्थिति की भरपाई के लि अमेरिका सबकुछ करने को तैयार है।
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पिछले हफ्ते अमेरिकी विदेश मंत्री पोम्पियो के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में विदेश मंत्री एस जयशंकर की टिप्पणी का उल्लेख करते हुए, अली चेगेनी ने कहा "भारतीय विदेशमंत्री एस जयशंकर ने ऊर्जा की सुलभता और सुरक्षा की बात कही तो ईरान एकमात्र ऐसा देश है जो भारत के लिए ऊर्जा के लिए जरुरी इन सभी पहलुओं को प्रदान कर सकता है।

भारत-ईरान सांस्कृतिक कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा "हम अपने दोस्त से उम्मीद करते हैं, हम एक दूसरे को समझते हैं, हम सब अपने राष्ट्रीय हित का पालन करें। ईरान भारत की ऊर्जा सुरक्षा के रक्षक बनने के लिए तैयार है।" 
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