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करतारपुर कॉरिडोर के लिए भारत तेज करेगा निर्माण कार्य, पाकिस्तान से जताई आपत्ति

Wed, 10 Jul 2019 06:35 AM IST
Nilesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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kartarpur Corridor(File Photo)
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पाकिस्तान स्थित गुरु नानक साहिब के गुरुद्वारा डेरा साहिब करतारपुर जाना चाह रहे भारतीय तीर्थयात्रियों को सुगम, सुरक्षित और आसान रास्ता मुहैया करवाने के लिए भारत करतारपुर कॉरिडोर को तेजी से पूरा कर रहा है। इस संबंध में करतारपुर डवलपमेंट प्रोजेक्ट के प्रमुख सुखजिंदर सिंह रंधावा ने बताया था कि पाकिस्तान इसे लेकर अपने हिस्से का 70 प्रतिशत से अधिक काम पूरा कर लिया है। वहीं भारत के पास काम का 30 प्रतिशत हिस्सा है, जिसमें देरी हो रही है। इस पर सरकार की ओर से यह दावा किया गया है।

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इस संबंध में 14 जुलाई को होने जा रही बैठक में तीर्थयात्रियों को मुहैया करवाई जाने वाली सुविधाओं, बड़ी संख्या में यात्रियों को कॉरिडोर से गुजारने और अन्य विषयों पर चर्चा की जाएगी। सूत्रों के अनुसार भारत सरकार कॉरिडोर को जल्द से जल्द पूरा करना चाहती है। इसके तहत भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण द्वारा शापूरजी पल्लनजी समूह को यात्री के लिए स्टेशन बनाने काम दिया गया है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया सरकार ने पंजाब सरकार के सहयोग से पूरी की है, यह प्रोजेक्ट 31 अक्तूबर तक तैयार हो जाएगा। इस पर 177.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

फोर लेन सड़क, 30 सितंबर तक
इस कॉरिडोर के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा करतारपुर जीरो पॉइंट से राष्ट्रीय राजमार्ग 354 तक चार लेन का राजमार्ग बनाया जा रहा है। यह काम जनवरी 2019 में 120 करोड़ रुपये की लागत के साथ शुरू किया गया है। इसके लिए 58 एकड़ भूमि का अधिग्रहण हुआ है। भारत द्वारा 45 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। 30 सितंबर तक सड़क पूरी हो जाएगी।
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पाकिस्तान से जताई आपत्ति
वहीं भारतीय अधिकारियों की पाकिस्तान के साथ तीन चरण की बातचीत हुई है। उनसे कहा गया है कि प्रोजेक्ट के दौरान ऐसा कोई निर्माण न करवाएं, जिससे बाढ़ आने पर जान-माल का नुकसान होने का जोखिम हो। इसके लिए भारत की तरह सभी मौसम में उपयोगी पुल बनाने के लिए कहा गया है। पाकिस्तान द्वारा तटबंध युक्त सड़क बनाने से बाबा डेरा नानक पर बाढ़ का जोखिम हो सकता है, और इसकी चिंताएं पाकिस्तान से जताई गई हैं। वहीं पाकिस्तान की ओर से इस प्रोजेक्ट की कमेटी में प्रमुख खालिस्तानी अलगावादी को जोड़ने पर भारत ने आपत्ति जताई है। 

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