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मानसून अपडेट: तीन मौसम प्रणालियां सक्रिय, 26 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; क्या पहाड़ों पर फिर बढ़ेगा संकट?

Sun, 30 Aug 2026 06:17 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अगले चार दिन भारी से मूसलाधार बारिश का अनुमान है, जबकि 26 राज्यों में रविवार को भारी बारिश और कुछ जगहों पर 90 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाओं का अलर्ट है। तीन मौसम प्रणालियों के सक्रिय होने से पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। राजस्थान में मौसम फिलहाल शुष्क रहने वाला है। मध्य प्रदेश में बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव तेज किया गया है। आखिर किन राज्यों में सबसे ज्यादा खतरा है और प्रशासन ने क्या तैयारी की है? आइए, विस्तार से जानते हैं क्या है मौसम का मिजाज...
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उत्तराखंड और हिमाचल में चार दिन आफत का खतरा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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भारतीय मौसम विभाग ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार समेत 26 राज्यों में रविवार को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अगले चार दिन भारी बारिश होने का अनुमान है। जम्मू-कश्मीर में शुक्रवार देर रात से शुरू हुई बारिश शनिवार को भी जारी रही। इस दौरान हिमकोटि में पत्थर गिरने के कारण वैष्णो देवी श्रद्धालुओं के लिए बैटरी मार्ग कुछ समय बंद रहा।

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उत्तराखंड में अगले चार दिन मौसम इतना खराब क्यों रहेगा?
देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तट पर निम्न दबाव का क्षेत्र बना है। इसके अगले 48 घंटों में और मजबूत होकर आगे बढ़ने का अनुमान है। इसके अलावा अमृतसर से इस मौसम प्रणाली तक मानसून टर्फ फैली हुई है। उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। तीनों मौसम प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने से उत्तराखंड में अगले चार दिन तेज बारिश हो सकती है।

पहाड़ी इलाकों में किन खतरों को लेकर चेतावनी है?
भारी बारिश के कारण उत्तराखंड के निचले इलाकों में जलभराव और नदियों तथा गदेरों में अचानक बाढ़ आने का खतरा है। मौसम विभाग ने भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। नदियों और नालों के आसपास रहने वाले लोगों के साथ निचले इलाकों के लोगों को भी सावधानी बरतने को कहा गया है। हिमाचल प्रदेश में भी अगले चार दिन भारी बारिश की संभावना के चलते लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है।
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बिहार, झारखंड और ओडिशा में क्या स्थिति है?
बिहार के भोजपुर, गोपालगंज, पटना, बक्सर और लखीसराय समेत कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान है। यहां 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और कुछ जगहों पर तूफान भी आने की आशंका है। झारखंड में रांची और जमशेदपुर समेत कई जिलों में 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी का अलर्ट है। उत्तर और तटीय ओडिशा के क्योंझर, मयूरभंज, बालासोर, भद्रक और केंद्रपाड़ा में 31 अगस्त तक बहुत भारी बारिश हो सकती है। पश्चिम बंगाल के तटीय और पश्चिमी जिलों में भी 31 अगस्त तक भारी बारिश का अनुमान है।

राजस्थान में बारिश कब तक कमजोर रहेगी?
राजस्थान में मानसून की गतिविधियां फिलहाल कमजोर हो गई हैं। अगले एक सप्ताह राज्य के ज्यादातर हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। बीकानेर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभागों में कमजोर मानसूनी स्थिति रहने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान में कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि, 3-4 सितंबर से पूर्वी और उत्तरी राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां फिर बढ़ सकती हैं। शुक्रवार को श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मध्य प्रदेश में बाढ़ की स्थिति पर मुख्यमंत्री ने क्या निर्देश दिए?
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को सतना और रीवा में जलभराव तथा बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित लोगों और चित्रकूट में ठहरे श्रद्धालुओं के लिए भोजन, कपड़े और साफ पीने के पानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। प्रभावित इलाकों का सर्वे कराकर राहत राशि देने को भी कहा गया। कम प्रभावित जिलों के बचाव उपकरण बाढ़ प्रभावित जिलों में भेजने और एनडीआरएफ की टीमों से तेजी से बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।

सतना और रीवा में कितने लोगों को सुरक्षित निकाला गया?
सतना जिले में छह गांवों में बचाव अभियान चलाया गया है। सात लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अधिकारियों के अनुसार, अगर रात में बारिश नहीं होती है तो स्थिति में सुधार हो सकता है। नयागांव बांध को नुकसान पहुंचा है और नुकसान की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने चित्रकूट आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के सुरक्षित ठहरने की व्यवस्था करने को कहा है। जरूरत के अनुसार बाढ़ प्रभावित लोगों को सहायता देने के साथ पशुहानि की स्थिति में भी मदद देने की बात कही गई है।

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