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पायलट की बिना शर्त रिहाई के लिए बड़ी कार्रवाई की तैयारी में था भारत

Sat, 02 Mar 2019 05:23 AM IST
आसिम खान हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली
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पुलवामा आतंकी हमले का दृढ़ता से जवाब देकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में भविष्य की सरकारों के लिए एक नया बेंचमार्क सेट कर दिया है। पहली बार ऐसी घटना के खिलाफ वायु सेना का इस्तेमाल किया गया। वहीं पाकिस्तान के कब्जे से पायलट अभिनंदन वर्तमान को सुरक्षित निकाल लाने के लिए भारत ने एक और कार्रवाई की तैयारी कर ली थी। हालांकि बुधवार देर रात अमेरिका, रूस, संयुक्त अरब अमीरात के हस्तक्षेप के बाद पायलट की बिना शर्त रिहाई की तस्वीर साफ हो पाई।

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उल्लेखनीय है कि 1990 के दशक से चरम पर पहुंचे आतंकवाद के मामले में भारत ने इससे पहले इतनी बड़ी कार्रवाई नहीं की थी। 

नब्बे के दशक में केंद्रीय गृह मंत्री रहे मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी की रिहाई के लिए भारत को आतंकियों को छोड़ना पड़ा था। वाजपेयी के कार्यकाल में कंधार कांड में भारत जैश-ए-मोहम्मद के सरगना और पुलवामा हमले के मास्टर माइंड मसूद अजहर समेत कुछ आतंकियों को छोड़ने पर मजबूर हुआ था। साल 2008 में मुंबई पर हुए सबसे बड़े आतंकी हमले के बावजूद भारत ने महज कूटनीतिक स्तर पर ही कड़ा रुख अपनाया था। पठानकोट एयरबेस पर हमले के बाद भी भारत ने पुरानी रणनीति ही अपनाई।

उड़ी हमले से बदला भारत का रुख

आतंकी घटनाओं से निपटने की नीति में बड़ा बदलाव उड़ी हमले के बाद हुआ। पहली बार पाकिस्तान को सर्जिकल स्ट्राइक से जवाब देकर भारत ने सख्त संदेश दिया था। इसके बाद जब पुलवामा हमला हुआ तो पहली बार भारत ने सभी संकोचों को छोड़ते हुए वायु सेना के जरिये पड़ोसी देश में घुस कर सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया। अब इस कार्रवाई ने आतंकी हमले के बाद पलटवार के मामले में नई लकीर खींच दी है। भारत का कठोर रवैया जहां, पाकिस्तान के लिए नई चुनौती बना है, वहीं भविष्य की सरकारों के लिए ऐसी ही बड़ी कार्रवाई की चुनौती होगी।
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बुधवार देर रात तेज हुई कूटनीतिक हलचल

अपने पायलट को छुड़ाने के लिए भारत ने बुधवार रात को पाकिस्तान के खिलाफ एक और कार्रवाई की तैयारी कर चुका था। सूत्रों का कहना है कि इस आशय की सूचना मिलने के बाद सतर्क अमेरिका ने पाकिस्तान के पीएम इमरान खान से बात की। इसी रात इमरान ने पीएम मोदी से फोन पर बात करने की कोशिश की। यूएई और रूस ने भी बीच बचाव किया। संयुक्त अरब अमीरात के युवराज ने पीएम मोदी से बात की। इसके बाद पाकिस्तान पायलट को बिना शर्त रिहा करने पर राजी हो गया। सूत्रों का कहना है कि भारत ने अब भी जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग नहीं छोड़ी है। उसने दुनिया के ताकतवर देशों को इसके लिए आगाह कर दिया है।

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