विदेश सचिव विजय गोखले ने एयर स्ट्राइक बालाकोट-2019 के बाद जैश-ए-मोहम्मद के जिस आतंकी प्रशिक्षण शिविर को ध्वस्त किए जाने का दावा है, उसका संचालन युसुफ अजहर कर रहा था। आतंकी युसुफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी को भारत की काफी समय से तलाश थी। वह इंटरपोल की सूची में भारत का वांछित था और इंडियन एयरलाइंस के विमान आईसी-814 अपहरण मामले के आरोपियों में एक था। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के सूत्र इस हमले में युसुफ अजहर उर्फ उस्ताद गौरी के मारे जाने की आशंका जता रहे हैं।
आईसी-814 का अहरण उस्ताद गौरी, जहूर इब्राहिम, इब्राहिम अतहर, शाहिद अख्तर सईद ने किया था। इस विमान को छोड़ने के बदले में आतंकियों ने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर समेत अन्य को रिहा करा लिया था। बताते हैं 2001 से युसुफ अजहर बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के इस आतंकी ठिकाने को चलाने में अहम भूमिका निभानी शुरू की। यहां आतंकियों को प्रशिक्षण दिया जाता था। यहां आतंकी बनने के लिए आते थे। उन्हें कमांडो स्तर की ट्रेनिंग दी जाती थी। आत्मघाती(फिदायीन) आतंकी भी तैयार किए जाते थे।
खुफिय एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, आईईडी(इम्प्रूव्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) तैयार करने का यह भी प्रमुख केंद्र था। माना जाता है कि पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन पर हमला करने वाले आतंकी को भी यहीं ट्रेनिंग दी गई थी। यहां के बात आतंकियों को नियंत्रण रेखा के पास स्थित करीब दर्जन भर लांच पैड पर लाया जाता था और भारत में घुसपैठ कराई जाती थी।
200-250 हार्डकोर आतंकियों को प्रशिक्षण देने का था अड्डा
बालाकोट के बारे में जानकारी रखने वाले सूत्रों का कहना है कि यहां 200-250 आतंकियों को हार्डकोर ट्रेनिंग देने की व्यवस्था थी। खुफिया एजेंसियों की चेतावनी को मंजूर करते हुए विदेश सचिव विजय गोखले ने भी कहा कि बालाकोट आतंकी शिविर से ट्रेनिंग पाए आतंकियों की भारत में और आत्मघाती हमले की तैयारी थी।
माना जा रहा है कि करीब 36-50 फिदायीन आतंकी बालाकोट आतंकी अड्डे पर आगे के मिशन के लिए तैयार थे। मौलाना मसूद अजहर का भी यहां बराबर आना जाना था। उसके भाई इब्राहिम अजहर, अजहर खान कस्मीरी समेत कई खूंखार प्रशिक्षण देने में माहिर आतंकी इस अड्डे को खतरनाक बनाए हुए थे। हालांकि अभी इसकी कोई पुष्टि नहीं हो पाई है कि इसमें कितने खूंखार आतंकी मारे गए हैं।