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Piyush Goyal on Trade Deal: 'अगर अमेरिका भारतीय प्रस्ताव से खुश, तो साइन करे', FTA पर बोले मंत्री पीयूष गोयल

Thu, 11 Dec 2025 07:10 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Piyush Goyal Statement: पीयूष गोयल ने कहा कि अगर अमेरिका भारत के प्रस्ताव से खुश है, तो उसे तुरंत मुक्त व्यापार समझौते पर साइन कर देना चाहिए। उन्होंने बताया कि भारत-अमेरिका के बीच पांच दौर की बातचीत हो चुकी है।
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पीयूष गोयल, केंद्रीय मंत्री - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि अगर अमेरिका भारत के प्रस्ताव से खुश है, तो ट्रंप प्रशासन को भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर तुरंत साइन कर देना चाहिए। गोयल ने साफ कहा कि भारत ने अमेरिका को अब तक का सबसे अच्छा ऑफर दिया है और अगर अमेरिका इसे लेकर संतुष्ट है, तो समझौते में देरी की कोई वजह नहीं बचती।

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गोयल मुंबई में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उनसे अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमीसन ग्रीयर के उस बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई थी, जिसमें कहा गया था कि अमेरिका को भारत का बेस्ट एवर ऑफर मिला है। गोयल ने कहा कि वह अमेरिकी संतुष्टि का स्वागत करते हैं, लेकिन किसी भी व्यापार समझौते को मजबूरी में या समयसीमा के दबाव में नहीं किया जाता। उनका कहना था कि समझौता तभी होना चाहिए जब दोनों पक्षों को बराबरी से फायदा हो।

भारत-अमेरिका वार्ता पर सरकार का रुख
गोयल ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच अब तक पांच दौर की बातचीत हो चुकी है। फिलहाल अमेरिका के डिप्टी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव रिक स्विट्जर भारत दौरे पर हैं, लेकिन यह दौर बातचीत या मसौदा तैयार करने से जुड़ा नहीं है। उन्होंने कहा कि यह एक परिचयात्मक यात्रा है और दोनों पक्ष आपसी समझ बनाने की कोशिश कर रहे हैं। गोयल ने फिर दोहराया कि कोई भी सौदा तभी पक्का होता है जब उसके फायदे दोनों देशों को मिलते हों।
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भारत-ईयू वार्ता में भी तेजी
वहीं, भारत-ईयू वार्ता पर मंत्री ने बताया कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच चल रही व्यापार वार्ता में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि हाल ही में ईयू ट्रेड कमिश्नर मारोश शेफचोविक भारत आए थे और उनकी चर्चा बेहद सार्थक रही। गोयल ने कहा कि जनवरी के पहले या दूसरे हफ्ते में दोनों टीमें फिर बैठेंगी और करीब 8 या 9 जनवरी को वह खुद शेफचोविक से मुलाकात कर आगे की दिशा तय करेंगे। उन्होंने कहा कि समझौता पूरी तरह संतुलित, पारदर्शी और दोनों पक्षों को बराबरी का लाभ देने वाला होना चाहिए।

इटली ने भी व्यापार सहयोग बढ़ाने पर दिया जोर
इटली के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी ने भी भारत के साथ आर्थिक संबंध मजबूत करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच 2029 तक 20 अरब यूरो का सालाना व्यापार लक्ष्य रखा गया है, जो पूरी तरह हासिल किया जा सकता है। तजानी ने कहा कि इटली भारत से आयात बढ़ाना चाहता है और यूरोपीय संघ में वह भारत के साथ एक उचित और संतुलित व्यापारिक ढांचे के लिए काम करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भूमध्य सागर, लाल सागर और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति जरूरी है ताकि व्यापारिक रिश्ते और मजबूत हों।

तजानी ने भारत-मध्य-पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे को बेहद महत्वपूर्ण परियोजना बताया और कहा कि यह भविष्य में ढांचागत विकास और व्यापार विस्तार का नया रास्ता खोल सकता है। भारतीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी इस पर जोर दिया कि भारत की व्यापार नीति संतुलन और पारदर्शिता पर आधारित है। उन्होंने कहा कि भारत किसी भी समझौते को जल्दबाजी में नहीं करेगा और सभी वार्ताओं में देश के हित सर्वोपरि होंगे।
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अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधिमंडल की समझौते पर आगे बढ़ी बात
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के अधिकारियों का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल, डिप्टी यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव एंबेसडर रिक स्विट्जर के नेतृत्व में, 9 से 11 दिसंबर 2025 तक भारत दौरे पर रहा। एंबेसडर स्विट्जर के पदभार संभालने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा थी, जिसने दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में नई ऊर्जा भरी। यात्रा के दौरान एंबेसडर स्विट्जर ने केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका आर्थिक और व्यापारिक संबंधों से जुड़े व्यापक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। खास तौर पर आपसी हितों को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित और लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर चल रही वार्ताओं को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। वाणिज्य मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों ने मौजूदा सकारात्मक और उद्देश्यपूर्ण संवाद को जारी रखने पर सहमति जताई है।



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