भारत के रक्षा मंत्री मनोहर परिकर और अमेरिका के रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर ने बृहस्पतिवार को द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के विस्तार की उम्मीद जताई और कहा कि भारत का भविष्य में अमेरिका का प्रमुख रक्षा साझेदार बनना तय है, जो फास्ट ट्रैक सहयोग और उच्च रक्षा प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा। यह परिकर और कार्टर की रिकॉर्ड सातवीं मुलाकात है। इस दौरान दोनों पक्ष द्विपक्षीय रक्षा सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। अमेरिकी रक्षा मंत्री कार्टर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिले। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय मसलों और एशिया प्रशांत क्षेत्र में विकास के मुद्दों पर अपने विचारों का आदान-प्रदान किया।
बैठक के बाद संयुक्त बयान जारी कर परिकर और कार्टर ने कहा, ‘हमने फैसला किया कि भारत अमेरिका का प्रमुख रक्षा साझेदार बनेगा और भारत के साथ प्रौद्योगिकी साझा और रक्षा व्यापार की सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए संस्थागत प्रगति को बनाए रखेगा। अमेरिका और भारत आतंकवाद के खात्मे के लिए द्विपक्षीय सहयोग को लगातार मजबूत करने पर राजी हैं।
मुलाकात के दौरान कार्टर ने कहा कि आज हमारे रिश्ते के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि हमने भारत को एक बड़ा रक्षा सहयोगी माना है। अमेरिकी संसद कांग्रेस की रिपोर्ट में 3000 से अधिक पन्नों के उल्लिखित प्रावधानों के अनुसार, 618 अरब डॉलर का राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकार विधेयक (एनडीएए) पर काम चल रहा है। इसके साथ ही रक्षा सचिव और विदेश मंत्री से कहा गया कि भारत को सहयोग देने और दोनों देशों के आपसी हित के सैन्य अभियानों चलाने की क्षमताओं का आकलन करें।’