फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

India US: 'भारत-अमेरिका एआई अवसर साझेदारी' का एलान, पैक्स सिलिका के तहत टेक सहयोग को मिलेगी नई रफ्तार

Sun, 22 Feb 2026 10:32 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत और अमेरिका की तरफ से जारी किए गए संयुक्त बयान में कहा गया है कि दोनों पक्षों का मानना है कि स्वतंत्र दुनिया के सामने सबसे बड़ा जोखिम एआई की प्रगति नहीं, बल्कि उसमें नेतृत्व करने में विफल रहना है।
विज्ञापन
पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिका और भारत ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में सहयोग को नई ऊंचाई देने के लिए 'यू.एस.-इंडिया एआई अवसर साझेदारी' की संयुक्त घोषणा की है। यह समझौता 'पैक्स सिलिका घोषणा' के तहत एक द्विपक्षीय परिशिष्ट के रूप में किया गया है। दोनों देशों ने कहा कि 21वीं सदी का भविष्य एआई की भौतिक बुनियाद- महत्वपूर्ण खनिज, ऊर्जा, कंप्यूटिंग क्षमता और सेमीकंडक्टर निर्माण पर निर्भर करेगा। इस संदर्भ में अमेरिका और भारत ने भरोसेमंद सहयोग, आर्थिक सुरक्षा और मुक्त उद्यम को एआई विकास का आधार बनाने की साझा प्रतिबद्धता जताई।
विज्ञापन


बयान में क्या कहा गया?
  • संयुक्त बयान में कहा गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'ट्रांसफॉर्मिंग द रिलेशनशिप यूटिलाइजिंग स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजीज' (ट्रस्ट) पहल के तहत व्यक्त दृष्टि को आगे बढ़ाते हुए दोनों देश एआई को डर के बजाय अवसर के रूप में देखते हैं। दोनों पक्षों का मानना है कि स्वतंत्र दुनिया के सामने सबसे बड़ा जोखिम एआई की प्रगति नहीं, बल्कि उसमें नेतृत्व करने में विफल रहना है।
  • दोनों देशों ने एआई सहयोग के लिए कई प्रमुख प्राथमिकताएं तय की हैं। अमेरिका और भारत ऐसे नियामक ढांचे को बढ़ावा देंगे जो तकनीकी नवाचार और निवेश को प्रोत्साहित करे। उद्देश्य है कि स्टार्टअप्स, डेवलपर्स, कोडर्स और प्लेटफॉर्म्स को सुरक्षित और भरोसेमंद एआई सिस्टम विकसित करने, परीक्षण करने और तेजी से विस्तार करने का अवसर मिले।
  • पैक्स सिलिका ढांचे के तहत दोनों देश ऊर्जा अवसंरचना के विस्तार, महत्वपूर्ण खनिजों के उत्पादन, कुशल कार्यबल के विकास और विश्वसनीय सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में संयुक्त पहल करेंगे। इसमें अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
  • दोनों देश निजी क्षेत्र की रचनात्मक शक्ति को एआई क्रांति का प्रमुख चालक मानते हैं। वे सीमा-पार वेंचर कैपिटल प्रवाह, अनुसंधान एवं विकास साझेदारी, अगली पीढ़ी के डाटा सेंटरों में निवेश, कंप्यूटिंग संसाधनों और प्रोसेसर तक पहुंच तथा एआई मॉडल और एप्लिकेशन विकास में सहयोग बढ़ाने पर काम करेंगे।
  • संयुक्त बयान में कहा गया कि दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में अमेरिका और भारत न केवल स्वतंत्रता की रक्षा में, बल्कि समृद्धि और सामाजिक सामंजस्य की दिशा में भी साथ खड़े हैं। दोनों देशों ने एक ऐसे एआई भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया है जो नागरिकों की सेवा करे, अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत बनाए और स्वतंत्रता, खुलापन तथा विधि के शासन जैसे साझा मूल्यों को प्रतिबिंबित करे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें