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Unemployment Rate: वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कितनी रही बेरोजगारी दर? रोजगार आंकड़ों में ये रही खास बात

Mon, 10 Aug 2026 08:27 PM IST
Devesh Tripathi पीटीआई, नई दिल्ली

सार

अप्रैल-जून 2026 तिमाही के रोजगार आंकड़ों में देश के श्रम बाजार की स्थिति काफी स्थिर दिखाई दी। जून में बेरोजगारी दर 5.5 प्रतिशत रही, जो एक साल पहले के मुकाबले मामूली कम है। महिलाओं की भागीदारी में सालाना आधार पर बढ़ोतरी हुई, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में इसका सुधार अधिक रहा। जून में कामगार आबादी अनुपात 51.4 प्रतिशत रहा।
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बेरोजगारी दर स्थिर - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में भारत की बेरोजगारी दर और कामगार आबादी का अनुपात लगभग स्थिर रहा। इससे संकेत मिलता है कि देश के रोजगार बाजार में इस दौरान न तो खास विस्तार हुआ और न ही गिरावट। सांख्यिकी मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, कामकाजी उम्र की आबादी में बेरोजगार लोगों को मापने वाली बेरोजगारी दर रिपोर्टिंग तिमाही में 5.5 प्रतिशत रही। एक साल पहले यह 5.6 प्रतिशत थी।
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सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) ने बताया कि जून 2026 में कुल कामगार जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) 51.4 प्रतिशत रहा। यह पिछले महीने के स्तर के बराबर है और जून 2025 के 51.2 प्रतिशत की तुलना में 0.2 प्रतिशत अंक अधिक है।

शहरी रोजगार की क्या रही स्थिति?
मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से किए जाने वाले आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) में रोजगार और श्रम बल में लोगों की भागीदारी से जुड़े आंकड़े जुटाए जाते हैं। सर्वेक्षण में शहरी रोजगार बाजार की स्थिति भी स्थिर पाई गई। सालाना आधार पर शहरी बेरोजगारी दर जून 2025 के 7.1 प्रतिशत से घटकर जून 2026 में 6.6 प्रतिशत रह गई। इसी अवधि में ग्रामीण बेरोजगारी दर में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ।
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कुल श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर) जून 2026 में 54.4 प्रतिशत रही। यह मई के बराबर और जून 2025 के 54.2 प्रतिशत से मामूली अधिक है। एलएफपीआर कामकाजी उम्र की उस आबादी को मापता है, जो रोजगार में है या सक्रिय रूप से काम तलाश रही है। मंत्रालय के अनुसार, जून 2026 में महिला श्रम बल भागीदारी दर 32.7 प्रतिशत रही। मई में यह 32.8 प्रतिशत थी। जून 2025 के 32.0 प्रतिशत की तुलना में इसमें 0.7 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई।

शहरी क्षेत्रों में कितनी घटी महिला श्रम बल भागीदारी?
सर्वेक्षण में यह भी सामने आया कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिला श्रम बल भागीदारी का अंतर शहरी क्षेत्रों की तुलना में कम हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिला एलएफपीआर जून 2026 में बढ़कर 36.6 प्रतिशत हो गया। यह जून 2025 के 35.2 प्रतिशत से 1.4 प्रतिशत अंक अधिक है।

इसके विपरीत, शहरी क्षेत्रों में महिला श्रम बल भागीदारी जून 2026 में मामूली घटकर 24.8 प्रतिशत रह गई। जून 2025 में यह 25.2 प्रतिशत थी। ग्रामीण क्षेत्रों में कुल कामगार जनसंख्या अनुपात 53.8 प्रतिशत पर स्थिर रहा। यह पिछले महीने के बराबर और जून 2025 के 53.3 प्रतिशत से 0.5 प्रतिशत अंक अधिक है।

कुल कितने लोगों को मिला रोजगार?
शहरी क्षेत्रों में डब्ल्यूपीआर में मामूली सुधार हुआ। यह मई 2026 के 46.6 प्रतिशत से बढ़कर जून 2026 में 46.8 प्रतिशत हो गया। सांख्यिकी मंत्रालय ने बताया कि 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र के कामगारों की कुल संख्या का अनुमान स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुमानित जनसंख्या आंकड़ों के आधार पर लगाया गया है।

अप्रैल-जून 2026 के दौरान देश में औसतन 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र के 56.6 करोड़ लोग रोजगार में थे। इनमें 40.2 करोड़ पुरुष और 16.4 करोड़ महिलाएं थीं। अखिल भारतीय स्तर पर तिमाही के ये अनुमान कुल 5,59,673 लोगों से जुटाई गई जानकारी पर आधारित हैं।
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