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India-UK Ties: केंद्रीय कैबिनेट से एफटीए को मिली मंजूरी, जानें किन-किन उत्पादों में मिलेगी टैक्स से राहत

Tue, 22 Jul 2025 08:47 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारत सरकार ने यूके के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को मंजूरी दे दी है। यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लंदन यात्रा के दौरान 24 जुलाई को साइन किया जाएगा। करार के तहत कपड़े, जूते और चमड़े जैसे उत्पादों पर टैक्स कम होगा, वहीं यूके से आने वाली शराब और कारें सस्ती होंगी। इसका लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 120 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।
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भारत ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता (प्रतीकात्मक) - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
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भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच बहुप्रतीक्षित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को भारत की केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को मंजूरी दे दी है। यह समझौता आधिकारिक रूप से 24 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लंदन यात्रा के दौरान  हस्ताक्षरित किया जाएगा। इस करार को कॉम्प्रिहेंसिव इकनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट कहा जा रहा है, जो दोनों देशों के बीच व्यापार को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।
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प्रधानमंत्री मोदी की चार दिवसीय विदेश यात्रा बुधवार से शुरू हो रही है, जिसमें वह ब्रिटेन और मालदीव का दौरा करेंगे। उनके साथ वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी रहेंगे, जो इस समझौते पर भारतीय पक्ष से हस्ताक्षर करेंगे। यह करार दोनों देशों के बीच मई 6 को बातचीत के समापन के बाद अंतिम रूप में पहुंचा।

इन उत्पादों में मिलेगी टैक्स से राहत
इस समझौते के तहत दोनों देश कस्टम ड्यूटी या आयात शुल्क को कम या खत्म करेंगे। भारत से ब्रिटेन को निर्यात होने वाले चमड़ा, कपड़ा और जूते जैसे श्रम-प्रधान उत्पादों पर टैक्स में छूट दी जाएगी। वहीं ब्रिटेन से भारत में आने वाली विस्की और कारों के आयात पर भी शुल्क कम होगा। यह करार 2030 तक दोनों देशों के व्यापार को 120 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।
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सेवाओं और निवेश को भी मिलेगी सहूलियत
यह समझौता सिर्फ वस्तुओं तक ही सीमित नहीं है। इसमें सेवाओं, सरकारी खरीद, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR), नवाचार और निवेश जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है। इस करार से दोनों देशों के पेशेवरों और कंपनियों को भी कामकाज में सहूलियत मिलेगी।

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सोशल सिक्योरिटी करार को भी मंजूरी
इसके अलावा, भारत और ब्रिटेन के बीच एक डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन एग्रीमेंट (सोशल सिक्योरिटी समझौता) भी अंतिम रूप में पहुंच चुका है। इसका फायदा भारत के उन पेशेवरों को मिलेगा, जो अस्थायी रूप से यूके में काम कर रहे हैं। अब उन्हें भारत और यूके दोनों जगह सामाजिक सुरक्षा में अलग-अलग योगदान नहीं देना होगा।
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बढ़ रहा है द्विपक्षीय व्यापार
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में भारत से ब्रिटेन को निर्यात 12.6% बढ़कर 14.5 अरब डॉलर हो गया है, जबकि  आयात 2.3% बढ़कर 8.6 अरब डॉलर तक पहुंचा है। दोनों देशों के बीच 2023-24 में कुल व्यापार 21.34 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो 2022-23 में 20.36 अरब डॉलर था। इससे साफ है कि FTA से व्यापार में और तेजी आएगी। हालांकि, समझौते पर हस्ताक्षर के बाद यह ब्रिटिश संसद में पास होने के बाद ही पूरी तरह लागू होगा। वहीं, भारत में इसे कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। इससे पहले निवेश संधि (BIT) पर भी बातचीत चल रही है, लेकिन उस पर अंतिम सहमति नहीं बनी है।

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