भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को अपने ब्रिटिश समकक्ष डेविड लैमी के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत-ब्रिटेन संबंधों में अपार संभावनाएं हैं और उन्हें सार्थक रूप से साकार करना सबसे महत्वपूर्ण कार्य है। इन संबंधों में मुक्त व्यापार समझौते पर जोर देने सहित संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
ब्रिटिश विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें कीं हैं। लैमी दो दिवसीय भारत यात्रा पर हैं। इस यात्रा के दौरान उन्होंने मुख्य रूप से व्यापार, रक्षा और सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, नई प्रौद्योगिकी, डिजिटल डोमेन और लोगों की गतिशीलता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच समग्र साझेदारी को लेकर चर्चा की।
दोनों विदेश मंत्रियों के बीच अहम मुद्दों पर बातचीत
लैमी की यात्रा के संबंध में जारी एक बयान के मुताबिक उनके और विदेश मंत्री एस जयशंकर के बीच लंबे समय से लंबित भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) और ब्रिटेन में खालिस्तान समर्थक तत्वों की गतिविधियों पर भारत की चिंताओं के संबंध में चर्चा हुई। इसके अलावा, दोनों के बीच रूस-यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया की स्थिति सहित गंभीर वैश्विक चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
विदेश मंत्रालय ने पोस्ट करते हुए कहा, "पदभार ग्रहण करने के बाद ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी का नई दिल्ली पहुंचने पर हार्दिक स्वागत। उनकी इस यात्रा से दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी मजबूत होगी। इसके साथ ही भारत और ब्रिटेन के बीच संबंधों के पुल को मजबूत करेगा।" बता दें कि ब्रिटेन में प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की लेबर सरकार के सत्ता में आने के बाद दोनों पक्षों के बीच यह पहली उच्च स्तरीय बातचीत है।
छह जुलाई को फोन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश पीएम स्टार्मर के बीच हुई थी बातचीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश पीएम स्टार्मर के बीच छह जुलाई को फोन पर बातचीत हुई थी। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच एफटीए का मुद्दा उठा था। भारत सरकार के एक रीडआउट में कहा गया है कि दोनों नेता पारस्परिक रूप से लाभकारी भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते को जल्द पूरा करने की दिशा में काम करने पर सहमत हुए। पीएम मोदी से फोन पर बातचीत के बाद यूके सरकार ने एक बयान जारी किया, जिसमें पीएम स्टार्मर ने कहा कि वह एक ऐसे समझौते को समाप्त करने के लिए तैयार हैं जो दोनों पक्षों के लिए काम करेगा।