ड्रग तस्करी के माध्यम से चल रही मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध धनार्जन से लड़ाई में भारत ठोस तरीके से मुख्य भूमिका निभाने जा रहा है। एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि भारत सार्क देशों के लिए एक क्षेत्रीय सहयोग मंच स्थापित करने जा रहा है। पिछले साल इस समूह के देशों की नई दिल्ली में हुई बैठक में साउथ एशियन रीजनल इंटेलिजेंस एंड को-ऑर्डिनेशन सेंटर ऑन ट्रांसनेशनल ऑर्गेनाइज्ड क्राइम (एसएआरआईसीसी-टीओसी) का प्रस्ताव किया गया था और यह अगले छह महीने में काम करने लगेगा।
यह साझे क्षेत्र और पड़ोसी देशों में अवैध ड्रग्स कारोबार और तस्करी से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएं साझा करेगा। राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा, ‘एसएआरआईसीसी-टीओसी अगले छह महीने में स्थापित हो जाना चाहिए। यह एक बड़ी बात होगी और अंतरराष्ट्रीय अपराधों में धन प्रवाह को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।’
उन्होंने कहा कि भारत सरकार संगठित अंतरराष्ट्रीय अपराधों और ड्रग्स कारोबार को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली है जो देश के विकास और सुरक्षा पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं।
अधिया ने कहा, ‘मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध धन का प्रवाह तथा ड्रग तस्करी व अन्य संगठित अंतरराष्ट्रीय अपराधों से धनार्जन एक प्रमुख चुनौती रही है। इस चुनौती से प्रभावकारी तरीके से निपटने के लिए भारत ने हाल ही में अपने मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी विनिमय प्रबंधन कानून में संशोधन किया है।’