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Tension: PAK को अगले माह विश्व बैंक से मिलने वाले धन का विरोध करेगा भारत; पड़ोसी को हर मोर्चे पर घेरने में लगा

Fri, 23 May 2025 08:33 PM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आईएमएफ ने पाकिस्तान को कर्ज देने के लिए 11 नए प्रतिबंधों का एलान कर दिया है। अब पाकिस्तान को घरेलू मोर्चे पर न केवल कुछ नए टैक्स लगाने होंगे, बल्कि उसके द्वारा दिए जा रहे सहयोग का विस्तृत लेखा-जोखा पेश करना होगा। इसके बाद अब भारत पाकिस्तान को अगले माह विश्व बैंक से मिलने वाले धन का भी विरोध करेगा। 
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भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत लगातार पाकिस्तान को हर मोर्चे पर घेरने में लगा है। इस बीच, एक सरकारी सूत्र ने दावा किया है कि भारत अगले महीने पाकिस्तान को विश्व बैंक से मिलने वाली धनराशि का विरोध करेगा। सरकारी सूत्र ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की तरह ही भारत विश्व बैंक में भी पाकिस्तान को आर्थिक मदद दिए जाने का विरोध करेगा। भारत का तर्क है कि इस्लामाबाद ने पूर्व में इस तरह की धनराशि का इस्तेमाल हथियार और गोला-बारूद खरीदने के लिए किया।

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सूत्र ने कहा कि बहुपक्षीय एजेंसियों की ओर से विकासशील देशों को दिया जाने वाला धन गरीबी उन्मूलन और विकास लक्ष्यों के लिए होता है, लेकिन पाकिस्तान का ट्रैक रिकॉर्ड सैन्य उद्देश्यों के लिए इसका दुरुपयोग करने का रहा है। विश्व बैंक पाकिस्तान को दिए गए 20 अरब अमेरिकी डॉलर (1,70,574 करोड़) के ऋण की अगले महीने समीक्षा कर सकता है। नकदी की कमी से जूझ रहे पाकिस्तान को यह धनराशि 2026 से शुरू होने वाले दस वर्षों की अवधि के लिए स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु लचीलेपन सहित अन्य क्षेत्रों के लिए दी गई। सूत्र ने कहा कि हम पाकिस्तान को मिलने वाली विश्व बैंक की आगामी धनराशि का विरोध करेंगे।
 
भारत ने पाकिस्तान पर 11 शर्तें लगाने के लिए जताया आभार
सूत्रों ने बताया कि भारत ने कहा है कि वह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की ओर से पाकिस्तान पर लगाई गई 11 अतिरिक्त शर्तों के लिए आभारी है। साथ ही उसने स्पष्ट किया कि वह वास्तविक विकासात्मक एजेंडे के लिए दी जाने वाली किसी भी वित्तीय सहायता के खिलाफ नहीं है। हालांकि उसने हालिया बेलआउट पैकेज के समय पर गंभीर चिंता जताई और कहा कि कहा कि इस धनराशि से अप्रत्यक्ष रूप से पाकिस्तान के बढ़ते रक्षा खर्च को बढ़ावा मिलेगा। सूत्रों ने कहा कि इन सभी हथियारों और गोला-बारूद का इस्तेमाल पाकिस्तान भारत के खिलाफ करता है। सूत्रों ने सार्वजनिक आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पाकिस्तान अपने सामान्य बजट का औसतन लगभग 18 प्रतिशत रक्षा मामलों और सेवाओं पर खर्च करता है, जबकि संघर्ष प्रभावित देश भी अपने सामान्य बजट व्यय का औसतन 10-14 प्रतिशत ही खर्च करते हैं। 
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आईएमएफ ने लगाए हैं ये प्रतिबंध
आईएमएफ ने पाकिस्तान को कर्ज देने के लिए 11 नए प्रतिबंधों का एलान कर दिया है। अब पाकिस्तान को घरेलू मोर्चे पर न केवल कुछ नए टैक्स लगाने होंगे, बल्कि उसके द्वारा दिए जा रहे सहयोग का विस्तृत लेखा-जोखा पेश करना होगा। इस कोशिश से आईएमएफ के द्वारा दिए गए धन का किसी भी तरह दुरुपयोग करने पर रोक लग सकती है। आईएमएफ के नए प्रतिबंधों में उसकी संसद द्वारा नए बजट की अनुशंसा पाना भी शामिल है। इसमें देश के अंदर किए जाने वाले खर्च का विस्तृत ब्योरा होगा और सरकार को इस बात को विस्तार से बताना होगा कि वह किस मद में कितना धनराशि खर्च करने जा रही है। अनुमान है कि इससे आईएमएफ के द्वारा दिए जा रहे धन का विकासपरक कार्यों में खर्च किया जा सकेगा और बेहद तेज महंगाई से जूझती पाकिस्तान की जनता को कुछ राहत मिल सकेगी। 

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भारत लगातार कर रहा ये कोशिश
भारत ने अपने सांसदों के सात प्रतिनिधिमंडल को विदेशों में भेजकर विश्व समुदाय का ध्यान आतंकवाद की मूल समस्या की तरफ लाने की योजना बनाई है। इसके लिए सांसदों के नाम और देशों की लिस्ट को भी अंतिम रूप दे दिया गया है। भारत पाकिस्तान को आतंकवाद को पालने वाले देश के रूप में चित्रित करता रहा है। 

अपनी इस कोशिश में भारत को सफलता भी मिली है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को कर्ज हासिल करने में जिन मुश्किल भरी परिस्थितियों का सामना करना पड़ा है, उसके पीछे स्वयं पाकिस्तान की अपनी हरकतें के साथ-साथ भारत के इसी प्रयास को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। भारत का प्रतिनिधिमंडल अपनी विदेश यात्रा में इसी बात का प्रयास कर सकता है कि विश्व समुदाय पाकिस्तान के इस आतंकवाद के समर्थक रूप को पहचाने।   
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हालांकि, खबर है कि पाकिस्तान भी भारत की तर्ज पर दुनिया के तमाम देशों में अपने प्रतिनिधि मंडल भेजकर अपना पक्ष रखने की कोशिश करेगा। बिलावल भुट्टो इस अभियान के अगुवा हो सकते हैं। उसकी कोशिश पाकिस्तान को आतंकवाद पीड़ित देश दिखाने की हो सकती है। 

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