भारतीय वायुसेना के आवागमन की सुविधा के लिए सरकार अगले कुछ महीने में 56 विमान खरीदने का सौदा करने जा रही है। 2.5 अरब डॉलर के इस सौदे के तहत विमान कंपनी एयरबस के साथ भारतीय कंपनी की परियोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। यह परियोजना रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया मुहिम के तहत पूरी की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि यह अपनी तरह का पहला समझौता है, जिसमें दो निजी कंपनियों की भागीदारी है। समझौते के तहत एयरबस से सी-295 नामक 16 परिवहन विमान खरीदे जाएंगे जबकि कंपनी के साथ मिलकर 40 विमानों का निर्माण मेक इन इंडिया के तहत भारत में ही किया जाएगा। विमान खरीदने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और जल्द ही करार पर भी अंतिम मुहर लगा दी जाएगी।
रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, एयरबस के साथ भारतीय कंपनी की भागीदारी के तहत 56 सी-295 विमान खरीदे जाएंगे। भारत में 40 विमानों का निर्माण को भी लगभग मंजूरी मिल चुकी है और जल्द ही इस समझौते पर भी हस्ताक्षर हो जाएंगे। सरकार वायुसेना के एवरो विमानों की जगह सी-295 विमान लाने जा रही है।
पिछले महीने ही रक्षा मंत्रालय ने वायुसेना के लिए 28 हजार करोड़ रुपये के हथियार और सैन्य उपकरण खरीदने को मंजूरी दी थी जिसमें छह एयरबोर्न वार्निंग और कंट्रोल सिस्टम विमान भी शामिल हैं।