क्राऊंन प्रिंस द्वारा पाकिस्तान के साथ 20 अरब डालर का के एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाने को भारत कोई महत्व नहीं देता। भारत का मामना है कि नई दिल्ली इस्लामाबाद नहीं है। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था लड़खड़ाकर औंधे मुंह गिर चुकी है। ऐसे में पाकिस्तान के साथ 20 अरब डॉलर का पैकेज उसके लिए बेल आऊट की तरह है। जबकि भारत सात प्रतिशत की दर से एक तेजी से उभरती अर्थव्यस्था वाला देश है। ऐसे में सऊदी अरब यदि भारत में निवेश करता है तो इसके दूसरे मायने हैं।
हज यात्रियों का बढ़ सकता है कोटा, जेल में बंद लोगों पर होगी बात
विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक सऊदी अरब के साथ हज यात्रा पर जाने वाले यात्रियों का कोटा बढ़ने की पूरी उम्मीद है। अभी 1 लाख 70 हजार हज यात्रियों के वहां जाने का कोटा है। जबकि इस बार भी हज यात्रा के लिए तीन लाख से अधिक लोगों के आवेदन का दबाव है। भारत ने इसे केंद्र में रखकर सऊदी अरब से कोटा बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की है।
बताते हैं इस संदर्भ में नई दिल्ली रियाद को हज यात्रा का आवेदन करने वाले यात्रियों से लेकर अन्य जानकारी मुहैया कराएगी। माना जा रहा है कि जल्द ही इसके लिए कोटा में बढ़ोत्तरी होने के भी आसार हैं। इसके अलावा भारत, सऊदी अरब की जेल में बंद अपने नागरिकों को लेकर भी क्राऊन प्रिंस के साथ आ रहे प्रतिनिधि मंडल के साथ द्विपक्षीय वार्ता में चर्चा करेगा।
आतंकवाद पर भारत के साथ
सऊदी अरब ने 20 अप्रैल 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान आतंकवाद की कड़ी निंदा की थी। सऊदी अरब के क्राऊन प्रिंस सलमान जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकियों द्वारा भारतीय सुरक्षा बल पर किए गए हमले के बाद भारत आ रहे हैं। समझा जा रहा है कि वह अपनी भारत यात्रा के दौरान आतंकवाद के विरुद्ध भारत का साथ देते हुए कड़ा संदेश दे सकते हैं।