भारत ने अपनी सबसे खतरनाक सतह से सतह पर मार करने वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का मंगलवार को सफल परीक्षण किया है। 4300 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली इस मिसाइल का परीक्षण सुबह 10 बजे अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के एक अज्ञात द्वीप से किया गया। ब्रह्मोस ने 400 किमी दूर स्थित अपने लक्ष्य को तय समय में नेस्तनाबूद कर दिया। इस कामयाबी के साथ ही इसे विकसित करने वाले रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) को लोगों ने सोशल मीडिया पर खूब बधाई दी।
4300 किमी की रफ्तार से दुश्मन पर हमला करेगी ब्रह्मोस मिसाइल
वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन से करीब आठ महीने से जारी तनातनी के बीच हाल ही में भारत ने कई मिसाइलों, टॉरपीडो और मिसाइल रोधी प्रणाली का सफल परीक्षण किया है। 4300 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार और 28 फुट लंबी ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के परीक्षण का मकसद इसकी रेंज बढ़ाना था। मिसाइल की रेंज बढ़ाकर 400 किमी से ज्यादा किया गया है। हाल ही में डीआरडीओ ने इसकी रेंज 298 किमी से बढ़ाकर 450 किमी तक किया है।
28 फुट लंबी और 3,000 किलो वजनी इस मिसाइल में 200 किलो तक के पारंपरिक और परमाणु हथियार लगाए जा सकते हैं। पिछले हफ्ते ही भारत ने ओडिशा से त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली सतह से हवा में मार करने वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया था। यह इलेक्ट्रॉनिक काउंटर सिस्टम से लैस है। इसके अलावा, सुखोई-30 एमकेआई से भी परीक्षण किया गया है। इस मिसाइल को सुखोई, मिग और तेजस के अलावा राफेल जैसे कई जंगी जहाजों में भी लैस किया जाएगा।
धरती, आसमान और जल...कहीं से भी दागी जा सकती है
ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की खासियत यह है कि इसे धरती, आसमान और जल कहीं से भी इसे दागा जा सकता है। यह अपनी तरह की दुनिया की सबसे तेज गति से दागी जाने वाली मिसाइल है। दागे जाने के 1.20 किमी प्रति सेकेंड की गति से चलने वाली इस मिसाइल के हमले में दुश्मन को बचने का या पलटवार करने का मौका नहीं मिलता। पनडुब्बी वाली ब्रह्मोस मिसाइल का पहला परीक्षण 2013 में हुआ था। यह मिसाइल पानी में 40 से 50 मीटर की गहराई से छोड़ी जा सकती है। ऐसी पनडुब्बियां भी बनाई जा रही हैं जिनमें इस मिसाइल का छोटा रूप एक टारपीडो ट्यूब में फिट किया जाएगा।
800 किमी तक मार करेगी शौर्य मिसाइल, सेना की बढे़गी ताकत
सूत्रों के अनुसार, चीन और पाकिस्तान के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा और नियंत्रण रेखा पर जारी तनाव के बीच भारत इस सप्ताह ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के कई लाइव परीक्षण करेगा। बीते दो महीने से डीआरडीओ ने मौजूदा और नई मिसाइल प्रणालियों का परीक्षण किया है। इसमें शौर्य मिसाइल प्रणाली भी है, जो 800 किमी दूर तक लक्ष्य को तबाह कर सकती है। बीते महीने ही भारतीय नौसेना ने भी ब्रह्मोस मिसाइल का परीक्षण आईएनएस चेन्नई से किया था, जिसमें इसमें समुद्र में 400 किमी दूर तक निशाना लगाया था।
आठ हजार किमी की रफ्तार वाली ब्रह्मोस-2 हाइपरसोनिक भी आएगी
ब्रह्मोस-2 के नाम से एक हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल भी बनाई जा रही है जिसकी रेंज करीब 290 किमी होगी। यह मिसाइल आठ मैक की रफ्तार से उड़ेगी यानी अभी के लगभग दोगुना। यानी यह दुनिया की सबसे तेज हाइपरसोनिक मिसाइल होगी, जिसकी रफ्तार करीब 8,000 किमी प्रति घंटे होगी।