चीन के जोरदार विरोध के बाद भारत ने उईघुर नेता डोलकुन इसा को वीजा जारी करने के मामले मे यू टर्न ले लिया है। भारत ने इसा के खिलाफ जारी रेड कॉर्नर नोटिस का हवाला देते हुए उन्हें भारत यात्रा की अनुमति देने से मना कर दिया।
जर्मनी में रह रहे विश्व उईघुर कांग्रेस (डब्ल्यूयूसी) के नेता को अमेरिका स्थित एक आयोजक कंपनी 'इनिसिएटिव्स फॉर चाइना' ने भारत के धर्मशाला में आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए आमंत्रित किया था। इस दौरान वह तिब्बती धर्म गुरू दलाई लामा से भी मुलाकात करने वाले थे। लेकिन फिलहाल भारत ने डोलकुन को वीजा देने से मना कर दिया है जिसकी वजह से वह धर्मशाला में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में हिस्सा नहीं ले पाएंगे।
डोलाकुन को वीजा देने के भारत के फैसले को संयुक्त राष्ट्र में आतंकी मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के भारत के अपील और उस पर चीन के वीटो के जवाब के रूप में जोड़कर देखा जा रहा था। लेकिन अब जब भारत ने अपना फैसला वापस ले लिया है तो इस मुद्दे पर भारत बैकफुट पर दिखाई दे रहा है।