पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक, फिर पायलट की बिना शर्त रिहाई के बाद भी भारत ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अपने रुख में बदलाव नहीं किया है। इस मुद्दे पर शीर्ष स्तर पर जारी तनातनी को कम करने में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे देशों को भी भारत ने कूटनीतिक चैनल के माध्यम से साफ कर दिया है कि जैश पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में वह फिर से कड़ा फैसला ले सकता है। हालांकि पाकिस्तान ने जैश समेत आतंकी संगठनों के खिलाफ जल्द ही ठोस कार्रवाई का भरोसा दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, भारत ने बीते मंगलवार को एयर स्ट्राइक से पहले जिन देशों को विश्वास में लिया था, उनसे कूटनीतिक माध्यम से बातचीत जारी है। भारत ने इन देशों को स्पष्ट संदेश दिया है कि अगर जैश के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह बालाकोट की तर्ज पर फिर कार्रवाई के लिए विवश हो सकता है। वैसे भी वायु सेना प्रमुख ने सार्वजनिक तौर पर ऑपरेशन जारी रहने की घोषणा कर इसका संकेत दिया है।
आतंकवाद के मुद्दे पर दुनिया भर के निशाने पर आए पाकिस्तान ने भारत को बैक डोर चैनल से हो रही बातचीत में कार्रवाई का भरोसा दिया है। इसी तरह का भरोसा पाक ने अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात को भी दिया है। सूत्रों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय दबाव में पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र में जैश सरगना मसूद अजहर के बचाव में न उतरने पर मंथन कर रहा है। मध्यस्थ देशों से साफ कहा है कि आतंकियों के खिलाफ जल्द शुरू होने वाली कार्रवाई का असर जल्द ही सामने आएगा।
सरकार दे सकती है हमले के सुबूत
बालाकोट एयर स्ट्राइक मामले में विपक्ष को सियासी मैदान में चित करने के लिए सरकार सर्जिकल स्ट्राइक के तर्ज पर जवाब देगी। उरी हमले के बाद जब पूरे विपक्ष ने एक सुर में ऑपरेशन की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए तभी सरकार ने वीडियो जारी किया था। इस मामले में भी सरकार ऐसी ही स्थिति का इंतजार कर रही है। सूत्रों का कहना है कि सेना के पास इस हमले और इसके कारण आतंकियों को हुए नुकसान की तस्वीर है। इसे बतौर सुबूत पेश करने के लिए वह सरकार के निर्देश का इंतजार कर रही है।