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सामाजिक न्याय: एक साल में ₹11,810 करोड़ खर्च, नशा मुक्ति जैसी कई योजनाओं पर जोर; इस रिकॉर्ड व्यय का मकसद क्या?

Sun, 05 Apr 2026 09:06 AM IST
Shivam Garg न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Social Justice Ministry: सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने वित्त वर्ष-26 में अब तक का सबसे बड़ा खर्च ₹11,810 करोड़ दर्ज किया है। इस राशि का उपयोग एससी/ओबीसी कल्याण, नशा मुक्ति और कमजोर वर्गों के कल्याण कार्यक्रमों में किया गया।
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सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय - फोटो : @mygov.in
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विस्तार
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केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक का सबसे अधिक खर्च दर्ज किया है। मंत्रालय ने इस दौरान कुल ₹11,810.82 करोड़ खर्च किए, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले करीब 14 प्रतिशत ज्यादा है। आधिकारिक बयान के अनुसार, यह खर्च मंत्रालय के तहत आने वाले सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग द्वारा किया गया है। सरकार का कहना है कि यह राशि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के समय पर और प्रभावी क्रियान्वयन को दर्शाती है।

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खास बात यह है कि अनुसूचित जाति (SC) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए चल रही योजनाओं पर भी इस साल रिकॉर्ड स्तर पर खर्च किया गया है। इससे इन वर्गों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा नशा मुक्ति (ड्रग डिमांड रिडक्शन), सफाई कर्मचारियों के कल्याण, वरिष्ठ नागरिकों, ट्रांसजेंडर समुदाय और भिक्षावृत्ति में लगे लोगों के पुनर्वास से जुड़े कार्यक्रमों पर भी पहले के मुकाबले ज्यादा खर्च किया गया है। मंत्रालय का कहना है कि यह बढ़ा हुआ खर्च सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने और समावेशी विकास को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।

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