अंतरराष्ट्रीय अदालत में कुलभूषण जाधव मामले पर मुंह की खाने के बावजूद पाकिस्तान बाज नहीं आ रहा है। पाकिस्तान अदालत के फैसले को अपनी जीत के तौर पर प्रचारित कर रहा है। इस पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाक को जमकर लताड़ लगाई है। रवीश ने कहा, 'सच बोलूं तो मुझे लग रहा है कि वह कोई और फैसला पढ़ रहे हैं। मुख्य फैसला 42 पन्नों का है। यदि उनके पास 42 पन्ने पढ़ने भर के लिए सब्र नहीं है तो उन्हें सात पन्नों की प्रेस विज्ञप्ति पढ़नी चाहिए, जिसमें हर बिंदु भारत के पक्ष में है।' विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, 'मुझे लगता है कि उनकी अपनी कुछ मजबूरियां हैं, इसीलिए उन्हें अपने ही लोगों से झूठ बोलना पड़ रहा है।'
इस पर भाजपा सांसद गिरिराज सिंह ने पाकिस्तान की अंग्रेजी भाषा को लेकर चुटकी ली थी। गिरिराज ने मजाक उड़ाने वाले अंदाज में पाक सरकार के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए लिखा, 'यह आपकी गलती नहीं है, क्योंकि यह फैसला ही अंग्रेजी में था।' बता दें कि खराब अंग्रेजी के चलते पाकिस्तानी नेता-खिलाड़ी अक्सर चर्चा में रहते हैं। खराब अंग्रेजी को लेकर पाकिस्तानी क्रिकेट टीम के कई खिलाड़ी पहले भी लोगों के निशाने पर रहे हैं। वहीं, हाल में ही पाक के न्यूज शो में एक एंकर ने एपल कंपनी को सेब समझ लिया था।
भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से विवाद का विषय बने रहे कुलभूषण जाधव मामले में अंतरराष्ट्रीय अदालत (आईसीजे) ने बुधवार को अंतिम फैसला सुनाया था। भारत के पक्ष में पैसला देते हुए अदालत ने जाधव की फांसी पर रोक लगाते हुए पाकिस्तान को निर्देश दिया था कि जाधव को कॉन्सुलर एक्सेस की सुविधा उपलब्ध कराए। अदालत के अध्यक्ष जज अब्दुलकावी अहमद यूसुफ की अगुवाई वाली पीठ ने कुलभूषण सुधीर जाधव को दोषी ठहराये जाने और उन्हें सुनाई गई सजा की प्रभावी समीक्षा करने और उस पर पुनर्विचार करने का आदेश दिया।