नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग के बीच अहम बैठक हुई। दोनों नेताओं ने भारत-सिंगापुर संबंधों के 60 वर्ष पूरे होने पर जश्न मनाते हुए रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने पर जोर दिया। वोंग ने भारत की आर्थिक प्रगति की सराहना की और अंतरिक्ष, स्किल डेवलेपमेंट, विनिर्माण और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की घोषणा की।
भारत और सिंगापुर के बीच रिश्ते लगातार मजबूत होते जा रहे हैं। गुरुवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग के बीच अहम बैठक हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और गहराई देने, व्यापार और निवेश बढ़ाने तथा नई तकनीकों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। वोंग ने भारत की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है।
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पीएम वोंग ने कहा कि यह उनकी भारत यात्रा बतौर प्रधानमंत्री पहली आधिकारिक यात्रा है और वे भारत-सिंगापुर की 60 साल पुरानी मजबूत दोस्ती का जश्न मना रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि बीते दशक में भारत ने असाधारण प्रगति की है और उसकी वैश्विक प्रभावशाली भूमिका तेजी से बढ़ी है।
निवेश और रणनीतिक साझेदारी
सिंगापुर भारत का सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है और कुल एफडीआई का करीब एक-चौथाई हिस्सा सिंगापुर से आता है। दोनों देशों के बीच सहयोग कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। पिछले वर्ष दोनों प्रधानमंत्रियों ने संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ तक ले जाने का फैसला किया था। वोंग ने कहा कि आज हुई बातचीत में इस साझेदारी को आगे बढ़ाने पर ठोस चर्चा हुई है।
अंतरिक्ष से लेकर स्किल डेवलपमेंट तक
वोंग ने बताया कि भारत ने अब तक 20 से अधिक सिंगापुर निर्मित उपग्रह लॉन्च किए हैं। दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत अब अंतरिक्ष क्षेत्र में सहयोग और बढ़ेगा। वहीं, लोगों से लोगों के संबंधों को गहराई देने पर भी सहमति बनी। उन्होंने कहा कि सिंगापुर भारत की स्किल डेवलेपमेंट यात्रा में सहयोग करेगा और चेन्नई में राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र का वैश्विक साझेदार बनेगा।
औद्योगिक विकास और सेमीकंडक्टर सहयोग
सिंगापुर ने भारत के औद्योगिक विकास और विनिर्माण महत्वाकांक्षाओं को समर्थन देने की घोषणा की। वोंग ने कहा कि सिंगापुर की कंपनियां भारत में टिकाऊ औद्योगिक पार्क बनाने में रुचि रखती हैं। साथ ही सेमीकंडक्टर सेक्टर में अनुसंधान, आपूर्ति श्रृंखला और कौशल प्रशिक्षण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि दुनिया में बढ़ती अनिश्चितता के बीच भारत-सिंगापुर साझेदारी भरोसे और साझा मूल्यों पर आधारित है, जो क्षेत्रीय स्थिरता और विकास में योगदान देगी।
वैश्विक चुनौतियों के बीच भरोसा
वोंग ने कहा कि भारत और सिंगापुर की दोस्ती साझा इतिहास और गहरे विश्वास पर आधारित है। दोनों देश मिलकर नई संभावनाओं को साधेंगे और वैश्विक स्तर पर स्थिरता लाने में योगदान देंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में पीएम मोदी के साथ मिलकर इस साझेदारी को और ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।