India-Singapore Ties: भारत और सिंगापुर ने नई दिल्ली में तीसरे आईएसएमआर सम्मेलन के दौरान व्यापार, प्रौद्योगिकी और डिजिटलीकरण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। सम्मेलन में दोनों देशों के शीर्ष मंत्री शामिल हुए। सिंगापुर आसियान में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी विकसित हो चुकी है।
भारत और सिंगापुर ने बुधवार को नई दिल्ली में अपने तीसरे मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन (आईएसएमआर) के दौरान उन्नत प्रौद्योगिकी, व्यापार, संपर्क और डिजिटलीकरण के क्षेत्रों में अपने द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने और नई संभावनाएं तलाशने पर चर्चा की। आईएसएमआर में विदेश मंत्री एस जयशंकर, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सिंगापुर के छह मंत्रियों के साथ हिस्सा लिया।
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सिंगापुर के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपप्रधानमंत्री और व्यापार व उद्योग मंत्री गान किम योंग ने किया। जयशंकर ने एक पोस्ट में कहा, आईएसएमआर के दौरान सार्थक बातचीत हुई। सरकार और उद्योग के बीच तालमेल भारत-सिंगापुर संबंधों के अगले चरण को गति देने के लिए अहम है।
आईएसएमआर की पहली बैठक सितंबर 2022 में नई दिल्ली में हुई थी और दूसरी बैठक अगस्त 2024 में सिंगापुर में आयोजित की गई। पिछले वर्ष सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंगापुर का दौरा किया था। इस दौरान भारत-सिंगापुर संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया गया था। सिंगापुर, आसियान (दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ) में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।