गोवा में संपन्न ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भारत और रूस के बीच हुए रक्षा समझौतों में परमाणु पनडुब्बी अकुला-2 भी शामिल है। रूस के साथ हुई हजारों करोड़ की डील की घोषणा के वक्त इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी, लेकिन अब एक रूसी समाचार पत्र ने इस संबंध में खुलासा किया है।
जानकारी के मुताबिक, रूसी अखबार वीदोमोस्ती में एलेक्सी निकोल्स्की ने कॉलम लिखा है, जिसमें उन्होंने परमाणु पनडुब्बी से जुड़ी डील की जानकारी दी है। उन्होंने लिखा है कि रूसी रक्षा उद्योग के सूत्रों के अनुसार, मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट 971 परमाणु पनडुब्बी को लीज पर देने के लिए रूसी नौसेना ने भारत के साथ गोवा में समझौते पर हस्ताक्षर किए।
2012 से भारत-रूस की परमाणु शक्ति संपन्न अकुला-2 पनडुब्बी का प्रयोग कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, भारतीय नौसेना एक अन्य रूसी परमाणु पनडुब्बी 885 यासेन से भी बेहद प्रभावित है। यह अकुला से ज्यादा आधुनिक है और हाल ही में इसे रूसी नौसेना में कमीशन किया गया है।