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भारत की बढ़ेगी सैन्य ताकत: सरकार ने किए 858 करोड़ के दो बड़े रक्षा सौदे; रूस से खरीदी जाएगी तुंगुस्का मिसाइल

Fri, 27 Mar 2026 05:34 PM IST
नवीन पारमुवाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रक्षा मंत्रालय ने 858 करोड़ रुपये के दो बड़े रक्षा सौदे किए हैं। इनमें से एक समझौता रूस के साथ तुंगुस्का एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम के लिए और दूसरा बोइंग के साथ नौसेना के पी-8आई विमानों के रखरखाव के लिए है।

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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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विस्तार
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भारत ने अपनी सैन्य शक्ति और समुद्री निगरानी क्षमताओं को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को दो महत्वपूर्ण रक्षा समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इन दोनों समझौतों की कुल कीमत 858 करोड़ रुपये है। ये सौदे थल सेना और नौसेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए किए गए हैं। इन समझौतों के जरिए भारत न केवल आधुनिक तकनीक हासिल करेगा बल्कि पुरानी प्रणालियों के रख-रखाव को भी बेहतर बनाएगा। 
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सेना के लिए रूस से एयर डिफेंस सिस्टम
रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी है कि रूस की सरकारी एजेंसी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के साथ 445 करोड़ रुपये का करार हुआ है। इसके तहत भारतीय सेना के लिए तुंगुस्का एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम खरीदा जाएगा। यह आधुनिक सिस्टम दुश्मन के विमानों, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने में सक्षम है। इस समझौते से भारत-रूस के बीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी को भी बल मिलेगा।

नौसेना के पी-8आई विमानों का होगा रखरखाव
मंत्रालय ने दूसरा समझौता बोइंग इंडिया डिफेंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ किया है। यह सौदा 413 करोड़ रुपये का है। इस करार का मुख्य मकसद भारतीय नौसेना के पी8आई (P8I) लंबी दूरी के समुद्री निगरानी विमानों का मेंटेनेंस यानी रखरखाव करना है। यह समझौता बाई इंडियन श्रेणी के तहत किया गया है। इसके तहत विमानों की मरम्मत का काम स्वदेशी तकनीक और सुविधाओं के जरिए भारत में ही पूरा किया जाएगा।
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बोइंग पी8आई विमान भारतीय नौसेना के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह एक मल्टी रोल विमान है जिसका इस्तेमाल पनडुब्बी रोधी युद्ध और समुद्री निगरानी के लिए किया जाता है। हिंद महासागर क्षेत्र में निगरानी रखने के लिए यह विमान नौसेना का मुख्य हथियार है। फिलहाल भारतीय नौसेना के पास ऐसे 12 विमान मौजूद हैं। इस समझौते के बाद इन विमानों की कार्यक्षमता और बढ़ जाएगी जिससे समुद्री सीमाओं पर नजर रखना आसान होगा।
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