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Defence: अमेरिका-भारत के बीच हुआ अहम रक्षा समझौता, MH-60R हेलीकॉप्टर बेड़े के रखरखाव में मदद करेगा US

Fri, 28 Nov 2025 03:22 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रक्षा मंत्रालय ने आज नौसेना के एमएच-60R हेलीकॉप्टरों के बेड़े के लिए सतत सहायता प्राप्त करने के लिए अमरीका के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता सात हजार नौ सौ करोड़ रुपये सेअधिक का है। 
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भारत-अमेरिका के बीच रक्षा समझौता - फोटो : PIB
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विस्तार
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 रक्षा मंत्रालय ने नौसेना के एमएच60आर सीहॉक हेलीकॉप्टर बेड़े के रखरखाव और मरम्मत के लिए अमेरिका के साथ लगभग 7995 करोड़ रुपये के सस्टेनमेंट सपोर्ट एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य भारतीय नौसेना को मिलने वाले एमएच-60R हेलीकॉप्टरों की परिचालन क्षमता को अधिक स्थायी और प्रभावी बनाना है। अमेरिका भारत को यह सहायता पांच वर्षों तक प्रदान करेगा।

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सरकार की ओर से साझा की गई जानकारी क मुताबिक इस व्यापक पैकेज के अंतर्गत सीहॉक हेलीकॉप्टर के जरूरी पुर्जों व संबंधित उपकरणों की आपूर्ति, तकनीकी सहायता और मरम्मत आदि शामिल हैं। इसके अलावा अमेरिका इन हेलीकॉप्टरों के लिए भारत में ही मध्यम स्तर की मरम्मत व निरीक्षण सुविधाओं की स्थापना करेगा। पांच वर्षों की अवधि के लिए यह अनुबंध लगभग 7,995 करोड़ रुपये का है।  

इस रक्षा समझौते में स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता, सपोर्ट उपकरण, उत्पाद समर्थन, प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहायता, पुर्जों की मरम्मत और भारत में ‘इंटरमीडिएट’ स्तर के कंपोनेंट रिपेयर और पीरियॉडिक मेंटेनेंस इंस्पेक्शन सुविधाओं की स्थापना शामिल है। देश में ही इन सुविधाओं का विकास लंबी अवधि में क्षमता निर्माण को बढ़ावा देगा और अमेरिकी सरकार पर निर्भरता को कम करेगा, जो आत्मनिर्भर भारत के उद्देश्यों के लिए अहम है। इससे एमएसएमई और अन्य भारतीय कंपनियों द्वारा स्वदेशी उत्पादों एवं सेवाओं के विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा। 
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यह समौझाता भारतीय नौसेना के अत्याधुनिक, सभी मौसमों में सक्षम तथा एंटी-सबमरीन वॉरफेयर क्षमता से युक्त एमएच-60आर हेलीकॉप्टरों की परिचालन उपलब्धता और मेंटेनबिलिटी में महत्वपूर्ण वृद्धि करेगा।  यह सपोर्ट इन हेलीकॉप्टरों को अलग-अलग जगहों के साथ-साथ जहाजों से भी ऑपरेट करने में मदद करेगा, जिससे उनके सभी प्राइमरी और सेकेंडरी मिशन और रोल के दौरान सबसे अच्छा परफॉर्मेंस सुनिश्चित होगी।

नौसेना के लिए अहम हैं एमएच 60 आर हेलीकॉप्टर्स
बता दें कि एमएच 60 आर हेलीकॉप्टर्स एक मल्टी मिशन हेलीकॉप्टर है। नौसैन्य तौर पर इसे सबसे आधुनिक हेलीकॉप्टर्स में शुमार किया जाता है। समुद्री सीमा की निगरानी करने, मेरीटाइम गतिविधियों पर नजर रखने और पानी के भीतर के खतरों से निपटने में यह हेलीकॉप्टर बेहद अहम है। नौसेना आईएनएस विक्रांत पर इस हेलीकॉप्टर की सफलतापूर्वक  लैंडिग करा चुकी है। इसकी मदद से भारत की हिंद प्रशांत महासागर क्षेत्र में स्थिति मजबूत हुई है। भारत ने साल 2020 में अमेरिका से लगभग 15,000 करोड़ रुपए में 24 एमएच-60आर हेलीकॉप्टर खरीदने का समझौता किया था। 

क्या है हेलीकॉप्टर की विशेषता?
समुद्री इलाके के लिए इसे दुनिया का सबसे उपयुक्त और शक्तिशाली हेलीकॉप्टर माना जाता है। इसकी मारक क्षमता करीब 834 किलोमीटर है और वजन 689 किलो है। इसे विमानन क्षेत्र की आधुनिक और चुनौतीपूर्ण नई प्रौद्योगिकियों के साथ कई मिशनों में सहयोग देने के लिए डिजाइन किया गया है। यह हेलीकॉप्टर हिंद महासागर में चीनी पनडुब्बियों की मौजूदगी का भी पता लगाने में भी माहिर है। ये हेलीकॉप्टर ऐसे समय में भारतीय नौसेना में शामिल किए जा रहे हैं जब चीनी पनडुब्बियों और जंगी जहाजों के हिंद महासगर में  घुसपैठ की रिपोर्टस मिलती रही हैं। एमएच-60आर मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर में निगरानी और हमला करने की कई गुणा अधिक क्षमता इसे खास बनाते हैं। इसमें कई रेडार,रात में दिखाई देने वाले उपकरण, हेलिफायर मिसाइलें, टॉरपीडो और रॉकेट लगे हैं जो दुश्मन की सबमरीन को पूरी तरह बर्बाद करने में सक्षम हैं।
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