दुनिया के तमाम देश कोरोना वायरस के फैलने के लिए लगातार चीन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तो कोरोना को 'चीनी वायरस' की संज्ञा तक दे दी। पूरी दुनिया में चीन के लिए घृणा का भाव है। वहीं, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसे भारत के लिए विदेशी निवेश आकर्षित करने का अवसर बताया है।
गडकरी ने रविवार को कहा कि भारत को कोरोना वायरस महामारी के बीच चीन के लिए विश्व की घृणा को बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश आकर्षित करके अपने लिए आर्थिक अवसर के रूप में देखना चाहिए।
गडकरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रवासी भारतीय छात्रों से रूबरू होते हुए कहा कि सारी दुनिया में अब चीन के लिए घृणा है। क्या हमारे (भारत के) लिए इसे एक अवसर में बदलना संभव है।
चीन से बाहर जाने वाले व्यवसायों के लिए जापान द्वारा आर्थिक पैकेज घोषणा का जिक्र करते हुए गडकरी ने कहा कि मेरा मानना है कि हमें इस पर सोचना चाहिए और हम इस पर ध्यान केंद्रित करेंगे। हम उन्हें और हर उस चीज को मंजूरी देंगे और विदेशी निवेश आकर्षित करेंगे।
जब उनसे पूछा गया कि यदि यह पाए जाने पर कि चीन ने कोरोना वायरस से जुड़ी सूचना को जानबूझकर छिपाया है तो क्या भारत कोई कार्रवाई करेगा, उन्होंने कहा कि यह एक संवेदनशील विषय है जो विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री से जुड़ा है और इसलिए इस पर उनका प्रतिक्रिया देना उचित नहीं होगा।