भारत ने साल 2022 में 15 हजार अंग प्रत्यारोपण का नया रिकॉर्ड बनाया है। इनमें सालाना 27 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई। यह जानकारी देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से रविवार को आयोजित राष्ट्रीय अंग व ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (एनओटीटीओ) वैज्ञानिक विमर्श कार्यक्रम में बताया कि कोविड-19 महामारी के बाद देश में अंग प्रत्यारोपण तेजी से बढ़े। भूषण ने कहा, हमें कार्यक्रम बनाकर इस क्षेत्र की पुन: संरचना, संवाद के लिए कार्यनीति और कौशल विकास, इन तीनों को प्राथमिकता देनी होगी। राष्ट्रीय, राज्य और क्षेत्रीय स्तर पर मौजूद अंग व ऊतक प्रत्यारोपण संगठनों की संरचना और गाइडलाइंस को अपडेट करने से इनके काम करने के ढंग में सुधार आएंगे।
सभी अस्पतालों में सेवाएं उपलब्ध नहीं
भूषण ने कहा कि देश में 640 मेडिकल कॉलेज व अस्पताल हैं, लेकिन प्रत्यारोपण के लिए बेहद सीमित विशेषज्ञ सेवाएं हैं। ये कुछ ही अस्पतालों में मिल रहीं हैं। तकनीकी मानव संसाधन, प्रशिक्षण और इन सभी का अस्पतालों के मौजूदा संसाधनों के साथ बेहतर उपयोग करने पर जोर देना होगा।
प्रत्यारोपण के लिए संस्थान बढ़ाने की जरूरत
स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि भारत में जनसंख्या के लिहाज से बदलाव आ रहे हैं। वृद्धों की आबादी बढ़ रही है। उन्हें बेहतर जीवन मिले, इसका ध्यान रखना होगा। दूसरी ओर अंगदान के लिए लोगों को प्रेरित करने के लिए संवाद व जागरूकता कार्यनीति को भी अपडेट करना होगा। ऐसे संस्थान बढ़ाने होंगे, जहां प्रत्यारोपण व सर्जरियां हो सकें। जिन संस्थानों में अधिक मामले हैं, उनका बोझ भी घटाना होगा।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाकर मदद पहुंचाएं
राजेश भूषण ने सुझाव दिया कि मौजूदा आयोजन में हुई चर्चा और सलाह के आधार पर एक एमओयू तैयार किया जा सकता है। इसका उपयोग देश, राज्य और क्षेत्रीय स्तर पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने में हो सकता है। इसमें प्रत्यारोपण को लेकर जरूरतमंद लोगों को विशेषज्ञ सलाह दे सकेंगे, और जरूरत होने पर मदद प्रदान कर सकेंगे।
नागरिक राष्ट्रीय रजिस्ट्री से लें मदद
मंत्रालय की अधिकारी वी हेकाली झिमोमी ने राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण कार्यक्रम (एनओटीपी) के बारे में बताया। साथ ही कहा कि नागरिकों के लिए निशुल्क हेल्पलाइन, नेशनल ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट रजिस्ट्री और आधिकारिक वेबसाइट पर संबंधित जानकारियां दी जा रही हैं। इनसे जुड़कर प्रत्यारोपण के जरूरतमंदों की मदद की जा सकती है।