विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भारत-अमेरिका सामरिक एवं वाणिज्यिक वार्ता के दूसरे संस्करण के दौरान कहा कि भारत परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता तथा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की स्थायी सदस्यता पाने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर काम करने पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा, “एनएसजी की सदस्यता तथा यूएनएससी की स्थायी सदस्यता पाने के लिए हम अमेरिका के साथ मिलकर काम करते रहने की आशा रखते हैं।”
इसी साल कुछ माह पहले एनएसजी की सदस्यता पाने में भारत के प्रयास को चीन सहित कुछ देशों ने विफल कर दिया था। सुषमा स्वराज ने जोर देते हुए कहा कि भारत अमेरिका के साथ रक्षा सहयोग को सह-उत्पादन तथा सह-विकास के अगले स्तर तक ले जाना चाहता है। उन्होंने कहा, “यह भारत तथा अमेरिका के बीच औद्योगिक सहयोग को प्रोत्साहित करेगा और क्षेत्र में सुरक्षा प्रदान करने में इच्छित भूमिका निभाने में भारत की मदद करेगा।”
अपने उद्घाटन भाषण में अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने कहा कि भारत और अमेरिका ने रक्षा, साइबर आतंकवाद से निपटने तथा आतंकवाद से निपटने की दिशा में सहयोग को गहरा किया है, “हम आशा करते हैं कि हमारा असैन्य परमाणु सहयोग नए रिएक्टर के रूप में आकार ले, जो भारतीय परिवारों तक सस्ती बिजली पहुंचाएगा।” उन्होंने कहा, “हम नई प्रौद्योगिकी लाने को लेकर काम कर रहे हैं, ताकि भारत महत्वाकांक्षी नवीकरणीय ऊर्जा के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सक्षम हो।”