भारत ने कहा है कि पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव मामले में मौत की सजा के खिलाफ अपील करने के सारे कानूनी रास्ते बंद कर दिए हैं। यह न केवल अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) के फैसले का उल्लंघन है बल्कि इससे एक बार फिर पाकिस्तान की हकीकत सबके सामने आ गई है।
भारत अगले कदम को लेकर कानूनी सलाह ले रहा है। इसमें फिर आईसीजे जाने का विकल्प भी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि निर्बाध राजनयिक पहुंच के अभाव और दस्तावेज न होने से आखिरी कोशिश के तहत भारत ने 18 जुलाई को याचिका दायर करने का प्रयास किया था।
हमारे पाकिस्तानी वकील ने बताया कि पावर ऑफ अटॉर्नी और अन्य दस्तावेज न होने से समीक्षा याचिका दायर नहीं की जा सकती। श्रीवास्तव ने कहा, एक साल में 12 बार निर्बाध राजनयिक पहुंच देने के आग्रह के बावजूद पाकिस्तान ने दस्तावेज मुहैया नहीं कराए।
पाकिस्तान न केवल आईसीजे के फैसले का उल्लंघन कर रहा है बल्कि अपने ही अध्यादेश का भी पालन नहीं कर रहा है। जुलाई के शुरू में पाकिस्तान ने कहा था कि फांसी की सजा के खिलाफ 20 जुलाई तक समीक्षा याचिका दायर की जा सकती है।