आतंकी संगठन जमात-उद-दावा के मुखिया हाफिज सईद को उसके ही घर में नजरबंद किए जाने के बावजूद भारत पाकिस्तान की इस कार्रवाई को खास तवज्जो नहीं दे रहा है। भारत ने कहा है कि हाफिज को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1267 के प्रावधानों के दायरे में लाना चाहिए। चूंकि हाफिज मामले में पाकिस्तान इस तरह की कवायद पहले ही कर चुका है। इसलिए भारत ने कहा है कि हाफिज के खिलाफ भरोसेमंद कार्रवाई होनी चाहिए।
गौरतलब है कि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आतंकवाद के खिलाफ कड़ी नीति से डरे पाकिस्तान ने हाफिज और उसके चार सहयोगियों को हाउस अरेस्ट कर लिया है। हाफिज मुंबई आतंकी हमला मामले में मास्टर माइंड है। भारत कई बार हाफिज के खिलाफ कार्रवाई करने और उसे सौंपने की मांग पाकिस्तान से कर चुका है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि हाफिज सहित चार अन्य लोगों को एहतियात के तौर पर नजरबंद किए जाने की जानकारी हमारे पास है। हमने उन रिपोर्टों को भी देखा है जिसमें इस संगठन से जुड़े चैरिटी संगठन फलह ए इंसानियत फाउंडेशन की निगरानी सूची में डाले जाने की बात कही गई है।
हम चाहते हैं कि हाफिज के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव 1267 प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों को भी चाहिए कि वह इस संगठन और हाफिज को आतंकी संगठन और आतंकी घोषित करने के मामले में गंभीरता दिखानी चाहिए।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि फिलहाल इस कार्रवाई को भारत महज दिखावा मान रहा है। सवाल है कि क्या नजरबंदी में रहते हाफिज की गतिविधियां नियंत्रित रहेंगी, क्योंकि इससे पहले एक आतंकी जकीउर रहमान लखवी को जेल से गतिविधियां चलाने की छूट दी गई थी। छूट इतनी ज्यादा थी कि लखवी जेल में रहते ही एक बच्चे का पिता बन गया था।