देश में बिजली की मांग शनिवार को रिकॉर्ड स्तर 256.11 गीगावॉट तक पहुंच गई। यह बढ़ोतरी देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण हुई। इसकी वजह घरों और दफ्तरों में एसी और कूलिंग उपकरणों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। ऊर्जा मंत्रालय की ओर से संकलित आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई।
मंत्रालय के अनुसार, इससे एक दिन पहले भी 252.07 गीगावॉट की मांग दर्ज हुई थी, जो उस समय तक का रिकॉर्ड था। अधिकारियों ने बताया कि देश में बिजली उत्पादन पर्याप्त होने के कारण किसी तरह की बिजली कटौती नहीं हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकतम बिजली मांग आगे और बढ़ सकती है और ऊर्जा मंत्रालय ने इस गर्मी के मौसम में इसे 270 गीगावॉट तक पहुंचने का अनुमान लगाया है। अधिकारियों ने कहा कि अप्रैल की शुरुआत में बेमौसम बारिश से तापमान कम रहने के कारण बिजली की मांग अपेक्षाकृत कम थी। लेकिन अप्रैल के मध्य से तापमान लगातार बढ़ने के साथ बिजली खपत में तेज बढ़ोतरी हुई है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, देश के कई क्षेत्रों में तापमान सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक बढ़ गया है, जो देश के कुछ हिस्सों में गर्मी के बढ़ते दबाव की स्थिति का संकेत है।
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अप्रैल से जून तक तेज लू की चेतावनी
आईएमडी ने अप्रैल से जून 2026 के बीच पूरे देश में तीव्र लू चलने की चेतावनी दी है। उत्तर के गंगा के मैदानी क्षेत्र, मध्य भारत और पूर्वी तटीय राज्यों में सामान्य से अधिक लू वाले दिन रहने की संभावना है। कई क्षेत्रों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है और अधिक नमी के कारण जीवन के लिए खतरा और बढ़ सकता है।
इन राज्यों में भीषण गर्मी पड़ने की संभावना
अप्रैल, मई और जून के दौरान हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ने की संभावना है। अप्रैल के अंत में पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश और केरल के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति पहले ही असर दिखा रही है।