भारत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के लिए सबसे आकर्षक देशों में से एक है और देश में सालाना एफडीआई अगले पांच साल में करीब 75 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। यह बात यूबीएस की एक रिपोर्ट में कही गई है। स्विट्जरलैंड की वित्तीय सेवा कंपनी के मुताबिक भारत में एफडीआई का प्रवाह गत एक दशक में करीब दोगुना होकर 2016-17 में 42 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
यूबीएस इन्वेस्टमेंट बैंक के अर्थशास्त्री तन्वी गुप्ता जैन और एडवर्ड टीथर द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर 2017 तिमाही में एफडीआई प्रवाह में कुछ कमी आई थी, लेकिन आने वाली तिमाही में इसके सामान्य हो जाने की उम्मीद है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में एफडीआई का सालाना प्रवाह अगले पांच साल में 75 अरब डॉलर पर पहुंच जाने की उम्मीद है। यदि संरचनात्मक सुधारों के साथ आर्थिक विकास की रफ्तार भी तेज रहे, तो भारत एफडीआई के लिए आकर्षक देशों में से एक बना रहेगा।
यूबीएस एविडेंस लैब द्वारा अक्तूबर और नवंबर 2017 में अमेरिकी कंपनियों के वरिष्ठतम अधिकारियों के बीच किए गए एक सर्वेक्षण के मुताबिक भारत निवेश के लिए सबसे आकर्षक देश बना हुआ है। इस सर्वेक्षण में 25 फीसदी से अधिक बड़ी कंपनियों ने भारत में निवेश करने के इरादे का इजहार किया। एजेंसी