भारत और चीन के बीच डोकलाम को लेकर बीते 2 महीने से भी ज्यादा समय से तनातनी चल रही है। चीन भारत को कई बार धमकी दे चुका है। वहीं सीमा पर चीन और भारत के सैनिकों के बीच पत्थरबाजी की घटना भी बीते दिनों सामने आ चुकी है। वहीं पाकिस्तान के साथ भी भारत के रिश्ते हमेशा से खराब ही रहे हैं।
लेकिन भारत ने अपनी रक्षा को बीते कुछ सालों में बेहद मजबूत कर लिया है। चाहे अमेरिका से गार्जियन ड्रोन सौदा हो या फिर इजरायल से बराक 8 एंटी शिप मिसाइल हो। भारत ने दुश्मनों को को सबक सिखाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है।
आइए जानते हैं भारत की ताकत के बारे में जिसने जल, थल और वायु सेना को मजबूती प्रदान की है।
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1. अमेरिका से गार्जियन ड्रोन सौदा
अमेरिका भारत को 22 प्रिडेटर ड्रोन्स के निर्यात के लिए आवश्यक लाइसेंस जारी कर चुका है। बीते 26 जून को व्हाइट हाउस में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहली द्विपक्षीय बैठक हुई थी। इस बैठक के बाद ट्रंप ने भारत को यह ड्रोन बेचने की मंजूरी दी थी। अमेरिका ने अफगानिस्तान, तालिबान के अलावा कई देशों में आतंकवादियों को खत्म करने में इस तरह के ड्रोन का इस्तेमाल किया था।
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2. बराक 8
यह लंबी दूरी वाली सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल है। इसके लिए इजरायल से 630 मिलियन डॉलर की डील इस साल हुई है। बराक 8 को विमान, हेलीकाप्टर, एंटी शिप मिसाइल और यूएवी के साथ-साथ क्रूज मिसाइलों और लड़ाकू जेट विमानों से होने वाले किसी भी प्रकार के हवाई खतरे से बचाव के लिए डिजाइन किया गया है। इस डील से भारती नेवी की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी।
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3. कामोव हेलिकॉप्टर
रक्षामंत्री अरूण जेटली के रूस दौरे के दौरान रूस से नए फाइटर एयरक्राफ्ट और 'कामोव हेलिकॉप्टर' पर बड़ा करार हुआ है। भारत और रूस के बीच एक अरब डालर (करीब 6433 करोड़ रुपये) के सौदे के तहत कामोव सैन्य हेलीकॉप्टर का निर्माण भारत में किया जाएगा।
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4. एफ 16 लडाकू विमान
दुनिया के सबसे खतरनाक लड़ाकू विमानों में से एक एफ 16 अब का प्रोडक्शन अब भारत में होगा। टाटा समूह और अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने एफ-16 लड़ाकू विमान भारत में बनाने के लिए सोमवार को एक 'बड़े' समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस सौदे के तहत लॉकहीड टेक्सास के अपने फोर्ट वर्थ कारखाने को भारत स्थानांतरित करेगी।
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5. राफेल विमान
36 राफेल विमानों की आपूर्ति को लेकर भारत और फ्रांस की सरकारों के बीच समझौता 23 सितंबर 2016 को हुआ था। फ्रांस इस समझौते के तहत भारत को 36 विमानों और उसके रखरखाव के उपकरणों की आपूर्ति सितंबर 2019 से शुरू करेगा।