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आसमान में बढ़ेगी भारत की ताकत: एचएएल सौंपेगा तेजस के आखिरी दो ट्रेनर विमान, एचटीटी-40 की पहली खेप भी तैयार

Thu, 17 Sep 2026 04:57 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एचएएल कल यानी 18 सितंबर को बंगलूरू में भारतीय वायुसेना को दो तेजस ट्रेनर और तीन एचटीटी-40 बेसिक ट्रेनर विमानों की पहली खेप सौंपेगा। इसी समारोह में पवन हंस को चार ध्रुव एनजी हेलिकॉप्टर मिलेंगे। एचटीटी-40 की डिलीवरी इंजन आपूर्ति की वजह से लंबे समय से अटकी थी। ऐसे में सवाल है कि इन स्वदेशी प्लेटफॉर्म की डिलीवरी से वायुसेना के प्रशिक्षण और भारत की एयरोस्पेस आत्मनिर्भरता को कितना बल मिलेगा?
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एचएएल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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भारत के एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र के लिए 18 सितंबर का दिन अहम होने जा रहा है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी एचएएल बंगलूरू स्थित अपनी सुविधा में भारतीय वायुसेना को दो एलसीए-एमके-1 यानी तेजस ट्रेनर विमान और लंबे समय से लंबित एचटीटी-40 बेसिक ट्रेनर विमानों की पहली खेप सौंपेगा। इसी समारोह में पवन हंस को चार ध्रुव एनजी हेलिकॉप्टर भी दिए जाएंगे। कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह मौजूद रहेंगे।

तेजस ट्रेनर की डिलीवरी से कौन सा पुराना ऑर्डर पूरा होगा?

एचएएल की ओर से सौंपे जाने वाले दो एलसीए-एमके-1 ट्रेनर विमान भारतीय वायुसेना के 40 विमानों के पुराने ऑर्डर की अंतिम खेप हैं। वायुसेना ने ये 40 विमान दो चरणों में मार्च 2006 और दिसंबर 2010 में ऑर्डर किए थे। इनमें से 38 विमान पहले ही वायुसेना को सौंपे जा चुके हैं। अब अंतिम दो ट्विन-सीट ट्रेनर विमानों की डिलीवरी के साथ इस शुरुआती एलसीए-एमके-1 ऑर्डर की आपूर्ति पूरी हो जाएगी। दो सीट वाले इन विमानों का इस्तेमाल पायलट प्रशिक्षण के लिए किया जाता है।

एचटीटी-40 की डिलीवरी में इतनी देरी क्यों हुई?

एचएएल अब वायुसेना को तीन एचटीटी-40 बेसिक ट्रेनर विमानों की पहली खेप भी सौंपेगा। इन विमानों की डिलीवरी लंबे समय से अटकी हुई थी। इसकी मुख्य वजह हनीवेल के टीपीई-331-12बी टर्बोप्रॉप इंजन की आपूर्ति में आई वैश्विक सप्लाई चेन की दिक्कत थी। इंजन की आपूर्ति को मंजूरी मिलने के बाद अब इन विमानों की डिलीवरी का रास्ता साफ हुआ है। ये तीन विमान मार्च 2023 में रक्षा मंत्रालय के साथ हुए 6,838 करोड़ रुपये के 70 एचटीटी-40 विमानों के अनुबंध का हिस्सा हैं।

एचटीटी-40 विमान का इस्तेमाल किस काम के लिए होगा?

एचटीटी-40 भारतीय वायुसेना में नए शामिल होने वाले पायलटों के शुरुआती और बुनियादी प्रशिक्षण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। यह सेवानिवृत्त हो चुके पुराने ट्रेनर विमानों की जगह लेने के लिए तैयार किया गया है। इस विमान से उड़ान प्रशिक्षण के साथ एरोबेटिक्स, इंस्ट्रूमेंट फ्लाइंग, फॉर्मेशन फ्लाइंग, रात में उड़ान और नेविगेशन जैसी ट्रेनिंग दी जा सकती है। विमान में एयर-कंडीशंड ग्लास कॉकपिट, डिजिटल और एनालॉग एवियोनिक्स तथा मार्टिन-बेकर जीरो-जीरो इजेक्शन सीट जैसी सुविधाएं हैं। इसकी अधिकतम गति 450 किलोमीटर प्रति घंटा और रेंज करीब 1000 किलोमीटर बताई गई है।

पवन हंस को मिलने वाले ध्रुव एनजी हेलिकॉप्टर क्यों अहम हैं?

इसी समारोह में एचएएल पवन हंस को चार ध्रुव एनजी हेलिकॉप्टर सौंपेगा। ध्रुव एनजी अगली पीढ़ी का नागरिक हेलिकॉप्टर है और इसका इस्तेमाल कई तरह के कामों में किया जा सकता है। इनमें वीवीआईपी परिवहन, ऑफशोर ऑपरेशन, एयर एंबुलेंस सेवाएं और हेलिकॉप्टर के जरिए तीर्थयात्रा जैसी सेवाएं शामिल हैं। इस हेलिकॉप्टर को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी DGCA से टाइप सर्टिफिकेशन भी मिल चुका है। इसके जरिए HAL की सैन्य जरूरतों के साथ नागरिक विमानन क्षेत्र के लिए भी स्वदेशी हेलिकॉप्टर तैयार करने की क्षमता सामने आती है।

अब एचएएल का अगला बड़ा लक्ष्य क्या होगा?

एलसीए एमके-1 की पूरी खेप सौंपने के बाद एचएएल का ध्यान अब 180 तेजस एमके-1ए लड़ाकू विमानों के लंबित दोनों ऑर्डर पूरे करने पर रहेगा। इनमें फरवरी 2021 में करीब 48,000 करोड़ रुपये की लागत से दिए गए 83 विमानों का ऑर्डर और सितंबर 2025 में 62,370 करोड़ रुपये की लागत से दिए गए 97 विमानों का ऑर्डर शामिल है। 18 सितंबर का हैंडओवर समारोह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें ट्रेनर विमान और नागरिक हेलिकॉप्टर एक साथ सौंपे जाएंगे। सरकार के अनुसार, इससे देश में विमान और हेलिकॉप्टर बनाने की क्षमता मजबूत होगी और विदेशी स्रोतों पर निर्भरता कम करने के प्रयासों को बढ़ावा मिलेगा।

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