भारत-रूस छह नई रणनीतिक परियोजनाओं पर सहमत हुए हैं। निवेश फोरम में दोनों देशों के 80 से अधिक व्यवसायों की उत्साहपूर्ण भागीदारी हुई। रचनात्मक माहौल में चर्चाओं के बाद दोनों देशों के अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों में निवेश सहयोग बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने भारत और रूस के द्विपक्षीय संबंधों को लेकर अहम जानकारी दी है। दोनों देश निवेश सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। जानकारी के मुताबिक दोनों देशों के बीच छह नई रणनीतिक परियोजनाओं को लेकर समझौते हुए हैं। भारत-रूस कार्य समूह के एक सत्र के दौरान इस पर सहमति बनी। बुधवार को सरकार की तरफ से जारी एक बयान के मुताबिक भारत और रूस द्विपक्षीय निवेश सहयोग को गहरा करने के लिए छह नई रणनीतिक परियोजनाओं पर सहमत हुए हैं। हालांकि, मंत्रालय ने छह नई रणनीतिक परियोजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी।
विज्ञापन
प्राथमिकता निवेश परियोजनाओं का फैसला आयोग करेगा
भारत-रूस ने व्यापारिक संबंधों को प्रगाढ़ रखने के लिए अंतर-सरकारी आयोग का गठन किया है। आयोग व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग से जुड़े मुद्दे पर मंथन करता है। भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग के तहत भारत-रूस कार्य समूह (आईआरडब्ल्यूजी-पीआईपी) ने प्राथमिकता निवेश परियोजनाओं पर बात की। कार्य समूह के 8वें सत्र के बाद जारी बयान के मुताबिक दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय निवेश सहयोग को गहरा करने के उद्देश्य से छह नई रणनीतिक परियोजनाओं को शामिल करने पर सहमति व्यक्त की।
80 से अधिक भारतीय और रूसी व्यवसाय शरीक हुए
आईआरडब्ल्यूजी-पीआईपी के 8वें सत्र के साथ-साथ इन्वेस्ट इंडिया, इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईसीसी) और रूसी संघ के आर्थिक विकास मंत्रालय के सहयोग से भारत-रूस निवेश फोरम का दूसरा संस्करण भी आयोजित किया गया। सत्र में भारतीय पक्ष से वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के सचिव अमरदीप सिंह भाटिया, जबकि रूसी पक्ष से आर्थिक विकास मंत्रालय के उप मंत्री व्लादिमीर इलिचेव मौजूद रहे। निवेश फोरम में 80 से अधिक भारतीय और रूसी व्यवसाय शरीक हुए। इसमें उद्यमी, वित्तीय संस्थान, कार्गो कंपनियां, व्यापार मंडल, शोधकर्ता और अधिकारी भी शामिल रहे।
रणनीतिक महत्व से जुड़े प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर
सरकार की तरफ से जारी बयान के मुताबिक दोनों देशों के बीच रचनात्मक चर्चा हुई। दोनों देश विभिन्न क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। कार्य समूह की बैठक में सह-अध्यक्षों ने दोनों देशों के लिए रणनीतिक महत्व से जुड़े प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर किए।