Maharashtra: रूसी महावाणिज्य दूत इवान फेतिसोव ने कहा कि रूस किसी भी देश के साथ सहयोग के लिए खुला है और भारत-रूस रिश्ते विश्वास व आपसी सम्मान पर आधारित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के अमेरिका या अन्य देशों से संबंध बढ़ाने से भारत-रूस साझेदारी पर कोई असर नहीं पड़ेगा। पढ़ें रिपोर्ट-
मुंबई में रूसी महावाणिज्य दूत इवान फेतिसोव ने शनिवार को कहा कि रूस किसी भी देश के साथ सहयोग के लिए खुला है। भारत-रूस संबंध विश्वास और आपसी सम्मान की मजबूत नींव पर टिके हैं। उन्होंने यह बात एडवांटेज विदर्भ 2026 अंतरराष्ट्रीय व्यापार सम्मेलन में मीडिया से कही।
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भारत के अमेरिका सहित अन्य देशों से बढ़ते संबंधों पर उन्होंने कहा कि हम किसी भी ऐसे देश के साथ सहयोग करने के लिए तैयार हैं, जो रूस के साथ सहयोग करना चाहता है। अगर भारत अमेरिका, कजाखस्तान या ब्राजील के साथ सहयोग करना चाहता है, तो यह पूरी तरह भारत का फैसला है। लेकिन इससे भारत-रूस संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि हमारे आपसी संबंध खासे गहरे हैं और आजकल यह जरूरी है।
पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात को याद किया
वर्तमान हालात में द्विपक्षीय संबंधों पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बीते साल सितंबर में हुई मुलाकात का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में मजबूत संवाद हुआ है और इस सहयोग को लगातार बढ़ाने की जरूरत है।
भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र खोलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इससे स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर (एसएमआर) तकनीक में सहयोग के नए अवसर खुल सकते हैं।
उन्होंने कहा कि हमारी रोसाटॉम विश्व प्रसिद्ध कंपनी है और रूस भारत के साथ तकनीक साझा कर संयुक्त परियोजनाओं पर काम करना चाहता है।
डोनाल्ड ट्रंप के भारत के रूसी तेल खरीद बंद करने के दावे पर उन्होंने कहा कि इस बारे में रूसी विदेश मंत्री और राष्ट्रपति के आधिकारिक बयानों को देखना चाहिए।