भारतीय चैंबर ऑफ कॉमर्स और रूस भारत बिजनेस काउंसिल द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में मानतुरोव ने कहा कि हम दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय समझौते पर हस्तारक्षर करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि निवेशकों की सुरक्षा हो सके।
यूक्रेन के साथ जारी युद्ध के बीच रूस भारत के साथ अपने रिश्ते को और प्रगाढ़ बनाना चाहता है। इसी के मद्देनजर रूस के उप प्रधानमंत्री और उद्योग तथा व्यापार मंत्री डेनिस मंटुरोव ने मंगलवार को विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से नई दिल्ली में मुलाकात की। जयशंकर की मंटुरोव के साथ यह दूसरी बैठक है। 17 अप्रैल को जयशंकर और मंटुरोव ने रूसी और भारतीय व्यापार के प्रतिनिधियों के साथ भी मुलाकात की थी।
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रूस-भारत व्यापार संवाद को संबोधित करते हुए मंटुरोव ने कहा, यूरेशियन आर्थिक आयोग के साथ मिलकर हम भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत को तेज करने की उम्मीद कर रहे हैं। मंटुरोव ने फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और रूस-इंडिया बिजनेस काउंसिल द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित कार्यक्रम में कहा, मास्को व्यापार में गुणात्मक वृद्धि में रुचि रखता है। मंटुरोव ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात में आर्थिक सहयोग की मजबूती पर चर्चा की। दोनों नेताओं के बीच व्यापार को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई।
30 खरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य पार किया
जयशंकर ने भी दिल्ली में भारत-रूस व्यापार संवाद को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा, हमने वर्ष 2025 से पहले 30 खरब अमरीकी डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य को पार कर लिया है, जो हमारे नेतृत्व द्वारा हमें दिया गया लक्ष्य वर्ष था। उन्होंने कहा, मैं समझता हूं कि यह बढ़ना जारी रहेगा।
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रूसी उप प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और रूस एयर कनेक्टविटी बढ़ाने पर भी फोकस कर रहे हैं ताकि दोनों देशों के बीच व्यापार और पर्यटकों की आवाजाही को बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि कोरोना की वजह से लॉजिस्टिक प्रभावित हुआ है, साथ ही पश्चिमी देशों द्वारा रूस के खिलाफ प्रतिबंध लगाने से कई देशों में महंगाई बढ़ी है। प्रतिबंधों के चलते अंतरराष्ट्रीय ट्रांसपोर्ट, कार्गो और वित्तीय लेनदेन में दिक्कतें बढ़ी हैं।