गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि सरकार ने 100 से अधिक सिखों पर से प्रतिबंध हटा दिया है, जिन्हें पंजाब में आतंकवाद फैलने के बाद काली सूची में डाल दिया गया था और वे अब भारत की यात्रा कर सकेंगे।
इस दौरान उन्होंने दावा किया कि भाजपा नीत एनडीए सरकार दिल्ली में 1984 के दंगे के पीड़ितों के लिए न्याय समेत सिख समुदाय की मांगों के प्रति हमेशा संवेदनशील रही है।
गृह मंत्री ने कहा कि सत्ता संभालने के बाद, सरकार ने मामले की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया था। सिखों के 10वें गुरु गुरु गोविंद सिंह के इस वर्ष 350वें जन्मदिवस को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सहबद्ध राष्ट्रीय सिख संगत द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजनाथ ने कहा कि कुछ मामलों में चार्जशीट दायर की गई है, जबकि कुछ अन्य मामलों की जांच की जा रही है।
राजनाथ ने कहा, ‘विभिन्न देशों के कई लोगों (सिख समुदाय से जुड़े) को काली सूची में डाल दिया गया था और वह भारत की यात्रा नहीं कर सकते थे। आज मैं आप लोगो को सूचित करना चाहता हूं कि 100 से भी अधिक सिख नामों को इस सूची से हटा दिया गया है।’ इस अवसर पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद थे।