भारत ने इस्लामी सहयोग संगठन के उस बयान की कड़ी निंदा की है, जिसमें पहलगाम आतंकी हमले में सीमा पार की भूमिका को नकारा गया है। भारत ने इस्लामी सहयोग संगठन बयान को पूरी तरह से बेतुका और तथ्यहीन बताया है।
भारत ने मंगलवार को इस्लामी सहयोग संगठन (ओआईसी) पर जमकर निशाना साधा। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने कहा कि ओआईसी का बयान, जिसमें पहलगाम आतंकी हमले में सीमा पार की भूमिका को नकारा गया है, बेतुका और तथ्यहीन है।
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विदेश मंत्रालय का कड़ा जवाब
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, 'ओआईसी का यह बयान पाकिस्तान के कहने पर जारी किया गया है और यह बेतुका है। इसमें पहलगाम के आतंकी हमले के पीछे की सच्चाई और सीमा पार की संलिप्तता को नजरअंदाज किया गया है।' उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद में शामिल रहा है और अब वह ओआईसी के मंच का इस्तेमाल कर रहा है ताकि वह गुमराह करने वाला और अपने हित में बयान दिलवा सके।
भारत ने कहा- आंतरिक मामलों में दखल ना दें
भारत ने साफ शब्दों में कहा कि ओआईसी को भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। रणधीर जायसवाल ने कहा, 'हम ओआईसी के इस हस्तक्षेप को पूरी तरह खारिज करते हैं। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा हैं और इस पर बाहरी बयानबाजी स्वीकार नहीं की जाएगी।'
पाकिस्तान पर सीधा हमला
भारत ने पाकिस्तान पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि आतंकवाद फैलाने वाला देश अब अंतरराष्ट्रीय संगठनों का सहारा लेकर भारत के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहा है। विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा।
पहलगाम में आतंकी हमला
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बायसरन घाटी में मौजूद घास के मैदान में छुट्टियों का लुत्फ उठा रहे 26 पर्यटकों की आतंकियों ने गोली मार कर हत्या कर दी थी। इसके बाद से पाकिस्तान इस हमले के पीछे अपना हाथ होने की बात को अस्वीकार कर रहा है। वहीं भारत लगातार पाकिस्तान पर सख्त कार्रवाई कर रहा है।