फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Dalai Lama: दलाई लामा के उत्तराधिकारी चुनाव पर भारत ने चीन को फटकारा, कहा- फैसला सिर्फ तिब्बती धर्मगुरु लेंगे

Thu, 03 Jul 2025 03:31 PM IST
रिया दुबे न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने चीन को फटकार लगाते हुए कहा कि दलाई लामा के अगले उत्ताराधिकारी को चुनने का अधिकार केवल स्थापित संस्था और दलाई लामा के पास ही होगा। उनके और मौजूदा परंपराओं के अलावा किसी और को इसका निर्णय लेने का अधिकार नहीं है।
 
विज्ञापन
किरेन रिजिजू, केंद्रीय मंत्री - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दलाई लामा के उत्ताराधिकारी के चुनाव को लेकर विवाद के बीच अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने चीन को फटकार लगाई है। रिजिजू ने गुरुवार को साफ शब्दों में कहा कि दलाई लामा के उत्तराधिकारी को चुनने का निर्णय स्थापित संस्था और दलाई लामा ही लेंगे। इसमें किसी अन्य की कोई भूमिका नहीं होगी।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें: कैसे चुना जाएगा दलाई लामा का उत्तराधिकारी: कौन करेगा फैसला, चीन की आपत्ति क्यों; भारत-अमेरिका की क्या भूमिका?

तिब्बत के सर्वोच्च धमर्गुरु 14वें दलाई लामा ने जब से अपने उत्तराधिकारी को चुनने का एलान किया है, तब से चीन इस चुनाव में हस्तक्षेप करना चाहता है। चीन का कहना है कि दलाई लामा के उत्तराधिकारी को बीजिंग सरकार से मंजूरी लेनी होगी। बुधवार को तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने कहा कि दलाई लामा संस्था जारी रहेगी और केवल गादेन फोडरंग ट्रस्ट को ही उनके उत्तराधिकारी को मान्यता देने का अधिकार होगा।
विज्ञापन


सारी प्रक्रिया दलाई लामा की इच्छा के अनुसार होगी 
रिजिजू ने कहा कि दलाई लामा बौद्धों के लिए सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक संस्था हैं। उन्होंने आगे कहा कि उनके अगले अवतार का चुनाव स्थापित परंपरा और दलाई लामा की इच्छा के अनुसार होना चाहिए। उनके और मौजूदा परंपराओं के अलावा किसी और को इसका निर्णय लेने का अधिकार नहीं है।
विज्ञापन


दलाई लामा के जन्मदिन पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे मंत्री 
बौद्ध धर्म को मानने वाले रिजिजू और उनके साथी केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह 6 जुलाई को धर्मशाला में दलाई लामा के 90वें जन्मदिन समारोह में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। 14वें दलाई लामा तिब्बतियों और बौद्ध धर्म की नालंदा परंपरा का पालन करने वाले सभी लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण संस्था हैं।



 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें