खाड़ी में तनाव के बीच ईरान की हिरासत में लिए गए अपने नागरिकों को छुड़ाने के लिए भारत ईरान के साथ कूटनीतिक चैनल के जरिए लगातार बातचीत कर रहा है। भारत ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही इस विवाद का रास्ता निकलेगा। ईरान ने ब्रिटेन के तेल टैंकर ‘स्टेना इमपेरो’ को जब्त कर इसके क्रू मेंबरों को हिरासत में लिया है, उसमें 18 भारतीय हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि घटना की जानकारी मिलने के बाद से ही इससे जुड़े विवरण जुटाए जा रहे हैं। हमारा मिशन अपने नागरिकों की जल्द रिहाई और उनकी स्वदेश वापसी है। भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए लगातार ईरान सरकार के संपर्क में है। इस जहाज के चालक दल में 18 भारतीयों के अलावा रूस, लातविया और फिलीपींस के नागरिक शामिल हैं।
सूत्रों ने बताया कि कूटनीतिक चैनल के माध्यम से सार्थक बातचीत हो रही है। ईरान का प्रारंभिक रुख बेहद सकारात्मक है। उम्मीद है कि जल्द ही इस विवाद का हल निकलेगा और भारतीय नागरिक रिहा होने के बाद स्वदेश वापस लौट सकेंगे। ईरान के साथ भारत के बेहतर रिश्ते हैं।
हालांकि, वर्तमान में ईरान की अमेरिका सहित कुछ पश्चिमी देशों से लगातार तनातनी चल रही है। भारतीय पक्ष का कहना है कि बेहतर कूटनीतिक और द्विपक्षीय रिश्ते के कारण अपने नागरिकों की सुरक्षित रिहाई के साथ स्वदेश वापसी में कोई बड़ी समस्या खड़ी नहीं होनी चाहिए।
मामले में हस्तक्षेप करें विदेश मंत्री : विजयन
केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों के मामले में विदेश मंत्री एस जयशंकर से हस्तक्षेप करने की मांग की है। विदेश मंत्री को लिखे पत्र में विजयन ने सभी भारतीयों की सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। ईरान की हिरासत में लिए गए 18 भारतीयों में चार केरल के रहने वाले हैं।