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‘आर्थिक आजादी’ में पाकिस्तान और नेपाल से भी पिछड़ा भारत

Fri, 17 Feb 2017 12:12 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला
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कनॉट प्लेस मार्केट - फोटो : Social Media
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वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित आर्थिक आजादी के एक सूचकांक में भारत इस साल पिछड़कर 143वें पायदान पर पहुंच गया है। पिछले साल इस सूचकांक में भारत 123वें पायदान पर था। खास बात यह है कि अमेरिका के एक थिंकटैंक द्वारा तैयार किए जाने वाले इस सूचकांक में इस साल पाकिस्तान सहित अनेक दक्षिण एशियाई पड़ोसी देश भारत से बेहतर स्थिति में है। भारत के खराब प्रदर्शन के लिए थिंकटैंक की रिपोर्ट में बाजारोन्मुख सुधारों की दिशा समान रूप से प्रगति न हो पाने को जिम्मेदार ठहराया गया है।
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हेरिटेज फाउंडेशन ने अपनी आर्थिक आजादी सूचकांक रिपोर्ट में कहा कि भले ही पिछले पांच साल में भारत की औसत सालाना विकास दर करीब सात फीसदी रही है, विकास को गहराई पूर्वक नीतियों में जगह नहीं दिया गया है, जो आर्थिक आजादी को संरक्षित करती है। राजनीतिक थिंकटैंक ने भारत को ‘अधिकांश रूप से अस्वतंत्र’ अर्थव्यवस्था की श्रेणी में रखा है और कहा है कि बाजारोन्मुख सुधारों की दिशा में प्रगति समान रूप से नहीं हो पा रही है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के जरिए बहुतेरे क्षेत्रों में व्यापक रूप से मौजूदगी बनाए हुए है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रतिबंधात्मक और बोझिलकारी नियामकीय माहौल उद्यमिता को हतोत्साहित कर रहा है, जो इसकी जगह निजी क्षेत्र के विकास को बढ़ावा दे सकता था। यही नहीं, भारत को इस सूचकांक में मिले कुल 52.6 अंक गत वर्ष के मुकाबले 3.6 अंक कम हैं, जब भारत 123वें पायदान पर था।
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हांगकांग, सिंगापुर, न्यूजीलैंड सूचकांक में अव्वल
इस साल के आर्थिक आजादी सूचकांक में हांगकांग, सिंगापुर और न्यूजीलैंड अव्वल रहे हैं। दक्षिण एशियाई देशों में सिर्फ अफगानिस्तान 163 पायदान और मालदीव 157 पायदान के साथ भारत के नीचे हैं। 125 पायदान के साथ नेपाल, 112वें पर श्रीलंका, 141 पर पाकिस्तान, 107वें पर भूटान और 128वें पर बांग्लादेश ने आर्थिक आजादी के मामले में भारत को पीछे छोड़ दिया है।
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भारत तकनीक और मैन्यूफैक्चरिंग में विकसित

- फोटो : ANI
ताजा सूचकांक में चीन को 57.4 अंक मिले हैं, जो गत वर्ष के मुकाबले 5.4 अंक अधिक है। इस साल चीन 111वें पायदान पर है। अमेरिका 75.1 अंक के साथ 17वें पायदान पर है। वहीं वैश्विक औसत अंक इस साल 60.9 रहा है, जो सूचकांक के 23 साल के इतिहास में सबसे ज्यादा है। इस साल 49 देशों ने अब तक का सबसे अधिक अंक हासिल किया है। इन देशों में अधिकतर तो विकासशील देश हैं, लेकिन इनमें नॉर्वे और स्वीडन भी शामिल हैं।

भारत तकनीक और मैन्यूफैक्चरिंग में विकसित
हेरीटेज फाउंडेशन ने कहा है कि भारत का तकनीक और मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर दुनिया में अन्य किसी भी देश के समान विकसित है। वहीं पारंपरिक सेक्टरों की स्थिति अपेक्षाकृत कम विकसित देशों जैसी है। भारत में अकूत संपत्ति और दरिद्रता दोनों समान रूप से विद्यमान हैं। भारत एक ओर तेजी से अपना विकास भी कर रहा है, वहीं, दूसरी ओर अपनी विशाल और विविधतापूर्ण आबादी के लिए समावेशी विकास का रास्ता भी ढूंढ रहा है।

पीएम मोदी की कोशिशों को सराहा भी गया
रिपोर्ट में हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत की विदेशी नीति में नई जान फूंकने का श्रेय दिया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मोदी ने जून 2016 अमेरिका की गत दो साल में चौथी बार यात्रा की। उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत वैश्विक व्यापार में एक बड़ी शक्ति है, लेकिन भ्रष्टाचार, अविकसित इंफ्रास्ट्रक्चर और सार्वजनिक वित्तीयन का कुप्रबंधन समग्र तौर पर विकास को कुंठित कर रहा है। 
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