भ्रष्टाचार पर निगरानी रखने वाली ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के भ्रष्टाचार संवेदन सूचकांक-2016 में भारत की रैंकिंग में मामूली सुधार देखने को मिला है। इस सूचकांक में न्यूजीलैंड और डेनमार्क संयुक्त रूप से शीर्ष पर हैं, जबकि सोमालिया पायदान है। दुनिया के अन्य देशों की तुलना में न्यूजीलैंड और डेनमार्क में भ्रष्टाचार सबसे कम हैं। हालांकि कोई भी देश पूरी तरह भ्रष्टाचार मुक्त राष्ट्र के रूप में नहीं उभरा।
बर्लिन के भ्रष्टाचार निरोधक संगठन ने दुनिया के 176 देशों में सार्वजनिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार के स्तर का पता लगाने के लिए विश्व बैंक के डाटा, विश्व आर्थिक मंच और अन्य संस्थानों का सहारा लिया। इस सूची में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार वाले देशों को जीरो और सबसे पाकसाफ देश को 100 अंक दिया जाता है। इस सूचकांक में 10 महत्वपूर्ण अर्थव्यवस्थाओं में शुमार भारत, चीन और ब्राजील को 40 अंक मिले।
पिछले साल के मुकाबले इस बार भारत की रैंकिंग में दो अंक का सुधार हुआ है। भारत को 2015 के 38 अंक के मुकाबले इस साल 40 अंक मिले हैं। वहीं, दुनिया के सबसे कम भ्रष्टाचार वाले देशों की सूची में न्यूजीलैंड और डेनमार्क 90 अंक के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर काबिज हैं।
हालांकि किसी भी देश को 100 अंक नहीं मिले। इसके बाद क्रमश: फिनलैंड, स्वीडन, स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, सिंगापुर, नीदरलैंड और कनाडा को जगह दी गई है।