फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

India-UK: ब्रिटेन को भारत की खरी-खरी, कहा- खालिस्तानी शरणार्थी दर्जे का कर रहे दुरुपयोग, लगाम लगाएं

Wed, 12 Apr 2023 08:07 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इस चर्चा में भारत-यूके ने चल रहे सहयोग की समीक्षा की। साथ ही यूके में आतंकवाद, साइबर सुरक्षा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, मादक पदार्थों की तस्करी, प्रवासन, प्रत्यर्पण और भारत विरोधी गतिविधियों के बीच खालिस्तान समर्थित उग्रवाद पर लगाम लगाने में सहयोग और तालमेल को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।  
 
विज्ञापन
केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला - फोटो : ट्विटर
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत ने ब्रिटेन से साफ कह दिया है कि किसी भी स्थिति में वह अपने यहां भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले खालिस्तानी समर्थकों पर लगाम लगाए। इतना ही नहीं, बुधवार को 5वीं भारत-यूके गृह मामलों की वार्ता में भारत ने खालिस्तान समर्थक तत्वों को ब्रिटेन में मिले शरणार्थी दर्जे पर चिंता भी जताई। भारत का पक्ष रख रहे केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने कहा कि ये खालिस्तानी समर्थक तत्व अपने शरणार्थी दर्जे का दुरुपयोग कर चंदा जुटा रहे हैं और भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। वे भारत विरोधी गतिविधियों के लिए आर्थिक सहायता भी दे रहे हैं। 

विज्ञापन


वार्ता में भारत का पक्ष रख रहे केंद्रीय गृह सचिव, अजय कुमार भल्ला ने अपने संबोधन के दौरान ब्रिटेन से बेहतर सहयोग के साथ ही  खालिस्तान समर्थक चरमपंथियों की निगरानी बढ़ाने और उचित सक्रिय कार्रवाई करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि उसकी सुरक्षा एवं खुफिया एजेंसियां खालिस्तान समर्थकों की गतिविधियों पर नजर रखें और ऐसे कदम उठाएं जिनसे ये उग्रपंथी तत्व कोई हिंसात्मक कदम न उठा सकें। 

इस वार्ता को लेकर भारतीय गृह मंत्रालय ने एक बयान भी जारी किया है। अपने बयान में मंत्रालय ने बताया कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने जबकि ब्रिटेन के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व स्थायी सचिव गृह कार्यालय सर मैथ्यू रीक्रॉफ्ट ने किया। उनके अलावा इस बैठक में दोनों देशों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।
विज्ञापन


इस चर्चा में दोनों पक्षों ने चल रहे सहयोग की समीक्षा की। साथ ही यूके में आतंकवाद, साइबर सुरक्षा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, मादक पदार्थों की तस्करी, प्रवासन, प्रत्यर्पण और भारत विरोधी गतिविधियों के बीच खालिस्तान समर्थित उग्रवाद पर लगाम लगाने में सहयोग और तालमेल को आगे बढ़ाने पर चर्चा की। इस बैठक में दोनों पक्षों द्वारा जारी साझेदारी पर संतोष जताते हुए द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने पर सहमति जताई। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को और भी तीव्र गति से बढ़ाने पर भी सहमति बनी। 

गौरतलब है कि बीते माह लंदन में भारतीय उच्चायोग पर लगातार हमले और उसके बाहर प्रदर्शन के मामले सामने आए थे। जिसके बाद विदेश मंत्रालय (MEA) ने ब्रिटेन के उप उच्चायुक्त को तलब किया था। खालिस्तान समर्थक समूह सिख कट्टरपंथी अमृतपाल सिंह पर पंजाब पुलिस की कार्रवाई का विरोध कर रहे थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें