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पाक-चीन ने संयुक्त बयान में किया जम्मू-कश्मीर का उल्लेख, भारत ने जताई आपत्ति

Tue, 10 Sep 2019 06:08 PM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई
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भारत ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी की इस्लामाबाद की यात्रा के संदर्भ में जारी पाकिस्तान-चीन संयुक्त बयान में जम्मू कश्मीर के उल्लेख पर मंगलवार को गहरी आपत्ति दर्ज की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बयान में पाक के कब्जे वाले कश्मीर में चीन पाकिस्तान आर्थिक कारिडोर (सीपीईसी) के उल्लेख पर कहा कि भारत क्षेत्र की यथास्थिति को बदलने के किसी दूसरे देश की पहल का पूरे संकल्प के साथ विरोध करता है।

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इस बारे में एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘चीनी विदेश मंत्री की यात्रा के बाद चीन और पाकिस्तान की ओर से जारी संयुक्त बयान में जम्मू कश्मीर के उल्लेख को हम खारिज करते हैं । जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है।’ उन्होंने कहा, ‘दूसरी ओर, भारत ने लगातार चीन और पाकिस्तान के तथाकथित ‘चीन पाकिस्तान आर्थिक कारिडोर’ परियोजना पर चिंता व्यक्त की है, जो भारत के क्षेत्र में है और जिस पर 1947 के बाद से पाकिस्तान का अवैध कब्जा है ।’ कुमार ने कहा कि इससे जुड़े पक्षों को ऐसी कार्रवाई से बचना चाहिए।

यूएनएचआरसी में पाक विदेश मंत्री ने अलापा कश्मीर राग

जिनेवा स्थित यूएनएचआरसी में आज कश्मीर आधारित सेशन में भारत और पाकिस्तान दोनों अपने दावे पेश कर रहे हैं। दुनिया के हर मंच पर मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान ने यूएनएचआरसी में झूठे आरोपों के जरिए भारत को घेरने को कोशिश की। इससे पहले उसे यूएन, आईओसी सहित कई मंचों पर जबरदस्त हार का सामना करना पड़ा है। उसका साथ सिर्फ चीन ही दे रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने दोपहर तीन बजे अपने देश का पक्ष रखा, वहीं भारत शाम सात बजे अपना पक्ष रखेगा।

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