11 साल बाद इंडियन नेवी में किसी पनडुबबी को शामिल किया जाएगा। चीन से संभावित युद्ध के चलते भारत के पास इस मरीन का आना काफी खुशी की बात है। इससे समुद्र के अंदर भारत की युद्धक क्षमता में इजाफा होगा। भारत के पास पहले 13 सबमरीन थी, जो कि घटकर फिलहाल 7 रह गई हैं। इनमें से काफी कुछ 20 साल से ज्यादा पुरानी हैं।
भारत अपनी सबमरीन की संख्या को बढ़ाने पर काम कर रहा है, ताकि वो युद्ध होने पर इनका अच्छे से इस्तेमाल कर सके। फिलहाल इंडियन नेवी को 6 मे से केवल एक सबमरीन मिली है।
INS Kalvari हिंद महासागर भारतीय समुद्री सीमा की रक्षा करेगी। चीन के पास फिलहाल 60 सबमरीन हैं और इसमें से ज्यादातर उसने हिंद महासागर में नजर रखने के लिए छोड़ी हुई हैं।
चीन की भारतीय समुद्री सीमा में घुसने की कोशिश
चीन अपनी सबमरीन के बल पर भारत की समुद्री सीमा में भी घुसने की लगातार कोशिश कर रहा है। उसने पाकिस्तान और बांग्लादेश को सबमरीन बेची हुई हैं और इसके साथ ही परमाणु हथियारों से लैस एक सबमरीन को कराची भी भेजा था।
चीन के पास पांच ऐसी सबमरीन हैं जो कि परमाणु हथियारों से लैस हैं। इसके साथ ही उसके पास फिलहाल 54 डीजल से चलने वाली सबमरीन हैं। पेंटागन की रिपोर्ट के अनुसार, 2020 तक चीन के पास 78 सबमरीन हो जाएंगी।